Saturday, Jan 28, 2023
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Waiting for the announcement of the dates of municipal elections

नगर निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान का इंतजार, जिताऊ एवं टिकाऊ प्रत्याशियों की तलाश तेज

  • Updated on 11/30/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। यूपी में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां जोर-शोर पर चल रही हैं। चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द होने की उम्मीद है। निर्वाचन आयोग के रूख का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों में चुनावी सरगर्मी खूब देखने को मिल रही है। 

गाजियाबाद जनपद भी नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी से अछूता नहीं है। गाजियाबाद में नगर निगम के अलावा 4 नगर पालिका परिषद और 4 नगर पंचायत में चुनाव होने हैं। इन सभी 9 निकाय में राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। नगर निगम के अंतर्गत कुल 100 वार्ड हैं। नए वार्डों का सृजन होने की संभावना नहीं है। 

अलबत्ता 100 वार्ड में चुनाव कराए जाएंगे। विभिन्न वार्डों में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव का मसौदा तैयार हो चुका है। इससे कई मौजूदा पार्षदों की बेचैनी बढ़ी हुई है। चूंकि उन्हें दोबारा चुनाव मैदान में उतरने का मौका नहीं मिल पाएगा। निकाय चुनाव के संबंध में कयासों का बाजार गरम है। 

सभी राजनीतिक दलों ने आवश्यक तैयारियों को धार दी है। साफ-सुथरी छवि के जिताऊ एवं टिकाऊ प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। पिछले चुनाव में नगर निगम में भाजपा ने परचम लहराया था। भाजपा ने महापौर पद पर जीत दर्ज करने के साथ सदन में भी बहुमत प्राप्त किया था। 

नगर निगम सदन में भाजपा के सर्वाधिक पार्षद निर्वाचित होकर आए थे। सदन का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। नगर निकाय चुनाव में भाजपा के अतिरिक्त कांग्रेस, सपा-बसपा, रालोद, आम आदमी पार्टी (आप) व एआईएमआईएम जैसे दल भी काफी रूचि दिखा रहे हैं। 

इन दलों ने अलग-अलग वार्डों में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले गाजियाबाद में प्रबुद्ध वर्ग नागरिक सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन में सीएम को आमंत्रित करने के पीछे भाजपा की निकाय चुनाव से संबंधित रणनीति थी। 

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