नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दुनियाभर में हर रोज नए शोध किए जा रहे हैं। हर जानकर, विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और शोधकर्ता कोरोना का अस्थाई या परमानेंट इलाज खोजने में लगे हैं। ऐसा ही एक इलाज है जिसे हालिया एक शोध के बाद कोरोना संक्रमण ठीक होने में काफी मददगार बताया जा रहा है।
इस बारे में अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका 'लंग इंडिया' में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, कोरोना संक्रमित मरीज अगर रोजाना हाइपरटोनिक सेलिन वाले गुनगुने पानी से गरारे करते है और जल नेती भी करते हैं तो संक्रमण को फेफड़ों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।
महिला सिपाही की मौत के बाद मिली कोरोना पॉजिटिव होने की खबर, 4 दिन पहले ही बच्चे को दिया था जन्म
ऐसे करेगा ये काम इस शोध में बताया गया है कि कोरोना संक्रमण सबसे पहले गले में होता है और फिर फेफड़ों तक पहुंचता है। इस दौरान अगर गुनगुने पानी के गरारे किए जाएं और जल नेती क्रिया जिसे नेजल वाश भी कहते हैं अगर उसे रोज किया जाए तो कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिस तरह से हाथ रेगुलर धोने से वायरस से बचा जा सकता है वैसे ही रोजाना गले की गरम पानी से सिकाई और नेती करना कोरोना से बचने का आसान तरीका हो सकते हैं।
कोरोना मरीजों की स्किन पर ऐसे दिखता है वायरस का असर, पढ़ें रिपोर्ट
जापान की तर्ज पर करें शामिल इस शोध में बताया गया है कि अगर लोग रोजाना इसे अपनी आदत में शामिल कर लें तो इससे शत-प्रतिशत सुधार आ सकता है। शोध में यह भी बताया गया है कि इस जापान ने जैसे फेस मास्क पहनने और हाथ धोने को नजले जैसी संक्रमण से बचने के लिए हाथ धोने को अपने राष्ट्रीय दिशा निर्देश में चिकित्सा में शामिल किया। उसी तरफ से भारत को भी संक्रमण से बचने के लिए पानी के गरारे और नेजल वाश को अपनी चिकित्सीय धारणाओं में शामिल करना होगा।
चमगादड़ की बॉडी से एंटीबॉडी मिलने का वैज्ञानिकों ने किया दावा, जल्द बन सकेगा टीका!
लेकिन ये सीखना होगा जरूरी लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप नेजल वाश यानी नेती क्रिया करने के सही तरीके को सीखें, क्योंकि यह क्रिया हर कोई पहली बार में नहीं कर सकता। इसके लिए अभ्यास की जरूरत होती है। इस क्रिया को करने के लिए आपको पहले किसी की देखरेख में इसे सीखना होगा।
इस क्रिया में आप अपनी नाक के एक नथुने से पानी डाल कर दूसरे नथुने से इस पानी को बाहर निकालते हैं। यह क्रिया दोनों तरफ के नथुनों से बारी-बारी की जाती है। शुरुआत में खांसी और नाक में थोड़ी तकलीफ महसूस होती है लेकिन फिर कुछ दिनों बाद आप इसे ठीक से करने लगेंगे।
यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...
सनातन धर्म विवाद: हिंदू साधु- संतों ने दिल्ली में किया प्रदर्शन
बिहारः पटना में दलित महिला से दरिंदगी, निर्वस्त्र कर पीटा और किया...
कवच के साथ ही 16 से ज्यादा सुरक्षा उपायों से लैस है नई वंदे भारत
Asian Games 2023: 10 मीटर एयर राइफल टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ...
लोकसभा चुनाव से पहले ABVP की जीत बनेगी BJP की संजीवनी
दुर्गा पूजा, दशहरा, दिपावली, छठ पर नहीं है रेलगाड़ियों में कन्फर्म सीट
रामलीला कमेटियों ने माना BJP का प्रस्ताव, सनातन धर्म विरोधी पुतला दहन...
समाधान के लिए संस्थागत सहयोग जरूरी है: प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़
‘राहगीरी' के लिए कनॉट प्लेस की सड़क बंद करने से व्यापारियों में रोष,...
राहुल गांधी ने पूछा - जातिगत जनगणना से डरते क्यों हैं प्रधानमंत्री...