Monday, May 23, 2022
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water of okhla bird sanctuary sent for testing

ओखला पक्षी विहार का पानी टेस्टिंग के लिए भेजा गया

  • Updated on 12/14/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली एनसीआर के ओखला पक्षी विहार में बने वेटलैंड की स्वस्थता जांचने के लिए वन विभाग ने वाटर सैंपल कलेक्ट किया है। जिसे सोमवार को टेस्टिंग के लिए लैब में भेज दिया गया। गौतमबुद्ध नगर के वन विभाग के अनुसार पिछली बार 2020 मार्च में पक्षी विहार के पानी की जांच की गई थी। जिसमें हानिकारक तत्व, केमिकल, धातुएं, तेल व ग्रीस की उपस्थिति दर्ज की गई थी।

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पानी में हानिकारक तत्वों से पक्षियों के जीवन को होता है खतरा
इससे चिडिय़ों के जीवन और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है। इस वर्ष पानी के सैंपल को जांच के लिए गाजियाबाद की एक निजी लैब को भेजा गया है। जिसमें पानी में प्रदूषण की जांच की जाएगी। क्योंकि इससे जलीय और स्थलीय जीव (जो पानी पर निर्भर हैं) के स्वास्थ्य को हानि हो सकती है। सर्दियों में यहां हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग वेटलैंड के पानी के सफाई का कार्य शुरू करेगा। जिसमें राजधानी में प्रदूषित हो रही यमुना नदी से पानी आता है। बीते वर्ष एक लीटर पानी में 4 मिलीग्राम प्रति लीटर तेल और ग्रीस पायी गई थी। जबकि पानी में तेल और ग्रीस की उपलब्धता का सही पैमाना 0.1 मिलीग्राम प्रति लीटर होता है।

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400 हेक्टेयर में फैल है पक्षी विहार
बता दें यमुना नदीं के किनारे स्थित ओखला पक्षी विहार 400 हेक्टेयर में फैला हुआ है। पक्षी विहार की कुल जमीन का 80 फीसद भाग पानी से जलमग्न है। यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या बीते वर्षों में लगातार घट रही है। 2019 में यहां 12212 प्रवासी पक्षी आए थे जो 2020 में घटकर 8776 रह गए। 2021 में अब तक 7500 प्रवासी पक्षी यहां आ चुके हैं।

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