Monday, Aug 02, 2021
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CBI दफ्तर पर पथराव पर भड़के बंगाल गवर्नर, पूछा- क्या पुलिस सिर्फ दर्शक बन गई है?

  • Updated on 5/17/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नारद स्टिंग मामले में जांच एजेंसी द्वारा पश्चिम बंगाल के दो बड़े मंत्रियों समेत टीएमसी के 3 नेताओं की गिरफ्तारी के बाद राज्य में एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। सीबीआई के एक्शन के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में सीबीआई दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। माहौल इतना गरम हो गया कि उग्र कार्यकर्ताओं ने सीबीआई दफ्तर पर पत्थर फेंके, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

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पत्थरबाजी पर राज्यपाल ने किया सवाल
सीबीआई दफ्तर पर पथराव पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सवाल किया कि क्या पुलिस सिर्फ दर्शक बन गई है? राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि टीवी चैनलों के जरिए पता चला कि कोलकाता में खुले आम सीबीआई दफ्तर पर टीएमसी समर्थकों ने पथराव किया। यह काफी दयनीय है कि कोलकाता पुलिस और बंगाल पुलिस का मूकदर्शक बनकर देख रही है। उन्होंने राज्य की पुलिस से अपील की है कि पुलिस कार्रवाई करें और कानून-व्यवस्था बहाल करें।

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TMC समर्थकों ने सीबीआई दफ्तर पर किया पथराव
नारद स्टिंग मामले में पश्चिम बंगाल के दो वरिष्ठ मंत्रियों एवं अन्य की गिरफ्तारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के समर्थक सोमवार को यहां सीबीआई कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। तृणमूल कांग्रेस के समर्थक यहां झंडे लहरा रहे थे और सीबीआई तथा केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। उग्र कार्यकर्ताओं द्वारा सीबीआई दफ्तर पर पत्थर फेंके जाने की भी सूचना है।

नारद मामले में राज्य के दो मंत्रियों और तृणमूल के एक विधायक की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सीबीआई कार्यालय पहुंचीं। सीबीआई का दफ्तर निजाम पैलेस में केंद्र सरकार के कार्यालय परिसर में स्थित है। यहां पर बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं और परिसर में अवरोधक लगाए गए हैं।

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ममता के दो मंत्रियों समेत 4 TMC नेता हुए गिरफ्तार
गौरतलब है कि सीबीआई ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी और मदन मित्रा के साथ पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी को नारद स्टिंग मामले में कोलकाता में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने इस बारे में बताया कि नारद स्टिंग मामले में कुछ नेताओं द्वारा कथित तौर पर धन लिए जाने के मामले का खुलासा हुआ था। हकीम, मुखर्जी, मित्रा और चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी लेने के लिए सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ का रुख किया था। वर्ष 2014 में कथित अपराध के समय ये सभी मंत्री थे।

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हाकिम ने किया ये दावा
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय बलों के साथ सीबीआई की एक टीम सोमवार सुबह हाकिम के चेतला आवास पर पहुंची और उन्हें जांच एजेंसी के कार्यालय ले गयी। राज्य के परिवहन और आवास मंत्री हाकिम ने दावा किया, 'सीबीआई ने नारद मामले में मुझे गिरफ्तार किया है। हम अदालत में इस मामले को ले जाएंगे।' राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने हाल में हाकिम, मित्रा और मुखर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी थी।

हकीम, मुखर्जी और मित्रा तीनों हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के विधायक के तौर पर निर्वाचित हुए हैं। वहीं, भाजपा से जुड़ने के लिए चटर्जी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी थी और दोनों खेमे से उनका टकराव चल रहा है। नारद टीवी न्यूज चैनल के मैथ्यू सैमुअल ने 2014 में कथित स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें तृणमूल कांगेस के मंत्री, सांसद और विधायक लाभ के बदले में कंपनी के प्रतिनिधियों से कथित तौर पर धन लेते नजर आए। यह टेप पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव के पहले सार्वजनिक हुआ था। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में मार्च 2017 में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। 

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