Saturday, Mar 23, 2019

Exclusive Interview 1: सरकार बनाएंगे और मोदी की गलतियों को सुधारेंगे - राहुल गांधी

  • Updated on 3/7/2019

नई दिल्ली/अकु श्रीवास्तव व शेषमणि शुक्ल। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी देश के सबसे बड़े चुनावी समर के लिए कमर कसकर पूरी तरह से तैयार हैं। अपने भाषणों में वह सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को निशाना बना रहे हैं। भाजपा की केन्द्र सरकार में भ्रष्टाचार, राफेल घोटाला, आतंकवाद, जीएसटी, नोटबंदी, बेरोजगारी, किसानों की कर्ज माफी, कालाधन आदि मुद्दों को लेकर वह लगातार आक्रामक हैं।

भाजपा सरकार को पूरी तरह से फेल मानते हुए वह साफ कहते हैं कि कई बड़ी गलतियां इस सरकार में हुई हैं। उनकी सरकार आने के बाद वह यह सब ठीक करेंगे। नवोदय टाइम्स, पंजाब केसरी, जगबाणी, हिंद समाचार से राहुल गांधी ने हर विषय पर खुलकर बातचीत की और लोकसभा चुनावों को लेकर अपने पक्के इरादे जाहिर किए। प्रस्तुत है अकु श्रीवास्तव व शेषमणि शुक्ल से बातचीत के प्रमुख अंश:

इस इंटरव्यू का दूसरा पार्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अब जब आप 2019 के चुनाव से पहले लगभग पूरा देश घूम चुके हैं तो आपको इस चुनाव में क्या नैरेटिव नजर आ रहा है? 
हिन्दुस्तान में सबसे प्रमुख मुद्दा रोजगार का है। किसान-मजदूर पर छाए संकट का है। बेरोजगारी चरम सीमा पर है। हर नौजवान को काम, किसान को फसलों का सही दाम, छोटे दुकानदार-उद्यमी को सुरक्षा और सम्मान ही आज के वक्त की जरूरत है।

दूसरी तरफ दलितों और पिछड़ों के अधिकारों पर हमला हो रहा है। सरकार की आर्थिक नीतियां, कृषि नीतियों की विफलता, चौतरफा भ्रष्टाचार, नोटबंदी का घोटाला, जीएसटी की मार, राफेल का गड़बड़झाला-यही आने वाले चुनाव के मुख्य मुद्दे बनने जा रहे हैं।

रोजगार देने के मामले में आप प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहे हैं। आप भी इस मामले में वादा करते रहे हैं। सवाल है कि कैसे करेंगे?
2014 से पहले हिन्दुस्तान एक सधे रास्ते पर चल रहा था। हमारे छोटे और मध्यम व्यापार, जिसे ‘इनफॉर्मल सेक्टर’ कहते हैं, से ही रोजगार का सबसे बड़ा हिस्सा देश को मिलता है। इस व्यवस्था पर मोदी जी ने दो घातक झटके मारे-एक, नोटबन्दी और दूसरा बिना सोच-समझ के एक उलझे हुए जीएसटी को लागू करके।

नौकरी देने की बजाय, मोदी जी ने एक झटके में 12 लाख से ज्यादा नौकरियां खत्म कर दीं। नोटबंदी का सीधा प्रभाव और बर्बादी तो सबने देखी, पर अपरोक्ष रूप से उसका असर यह पड़ा कि इन्फॉर्मल सेक्टर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं।

अब कैसे रोजगार देंगे? तो, सबसे पहले जनता की कमर तोडऩे वाली इन दोषपूर्ण नीतियों को ठीक करेंगे। देश में रोजगार उत्पन्न करने का एक ही रास्ता है- मध्यम और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन, इन्फॉर्मल सेक्टर के लिए बैंकों के दरवाजे खोलना तथा हिन्दुस्तान के करोड़ों युवाओं के गुणों को पहचान कर उनको नए मौके देना। यहीं से रोजगार के अवसर बनेंगे।

AAP से समझौते पर बोले राहुल गांधी, कांग्रेस की दिल्ली इकाई नहीं चाहती गठबंधन

व्यापारिक घरानों को लेकर आप अक्सर हमलावर रहे हैं। कुछ और स्पष्ट करेंगे?
भाजपा की सरकार का समर्थन केवल 15-20 अपने मित्र उद्योगपतियों को है, न कि देश के लोगों को। कुछ ही दिन पहले आपने देखा कि 6 में से 5 हवाई अड्डे मोदी जी के एक मित्र उद्योगपति को मिल गए। झारखंड में उसी व्यक्ति को हजारों करोड़ का तोहफा दे दिया गया। हिन्दुस्तान में लगभग 10 लाख करोड़ का एनपीए है।

उनमें से छोटे-मध्यम व्यापारियों का हिस्सा बहुत कम है। पर क्या नरेंद्र मोदी जी उनको कर्ज से राहत दे रहे हैं? जवाब न में है। दूसरी तरफ नीरव मोदी व मेहुल चोकसी देश का हजारों करोड़ रुपया लेकर भाग गए।

आप छोटे व मध्यम व्यापारी को परेशान करते हैं और अपने चहेते नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जैसे लोगों को देश से भाग जाने का मौका देते हैं। मैं मानता हूं कि देश में बड़े उद्योगों की भी जगह है, परंतु एक उद्योगपति की निरंकुश ताकत के आगे छोटे और मध्यम व्यापारियों को खत्म कर देना सही नहीं।

पहले, जीएसटी का मतलब था, ‘वन नेशन वन टैक्स’। आपने इसे भी ‘वन नेशन, फाइव टैक्स’ बना दिया। उद्योगपतियों और दुकानदारों के लिए यह केवल जटिलता, कठिनाई व भ्रष्टाचार का सबब बन गया। आपने हर छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमी व दुकानदार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट व इंस्पेक्टर राज के नीचे दबा दिया।

व्यापार और रोजगार पर यह जो आक्रमण हुआ है, हम उसे ठीक करेंगे। जीएसटी में सुधार करेंगे। छोटे-मध्यम व्यापारी और दुकानदार का हम साथ देंगे। जो भी ईमानदारी से काम कर रहा है, उसे करने की पूरी इजाजत मिले, यह सुनिश्चित करना हमारा काम है। 

कृषि बीमा पर क्या आपत्ति है?
एक तरफ आप कृषि बीमा का पैसा लेते हो, तो दूसरी तरफ उस पैसे से प्राइवेट बीमा कंपनियों को मुनाफा देते हो। किसान को क्या मिल रहा है? उदाहरण के तौर पर पूरा जम्मू-कश्मीर का बीमा अनिल अंबानी की कंपनी को दे डाला गया। यह बीमा की मूलभूत सोच के विरुद्ध है क्योंकि बीमा कंपनियों में कॉम्पटीशन जरूरी है।

परंतु यहां सोच यह है कि किसान की जेब से निकालो और प्राइवेट बीमा कंपनियों की जेब में डालो। हम किसान से कहना चाहते हैं कि घबराइये मत। आपका कर्ज भी माफ होगा और सही दाम के लिए हम खेती-बाड़ी की कोल्ड चेन भी बनाएंगे। किसान के उत्पादों को बिक्री के लिए दुनिया की अर्थव्यवस्था से जोड़ेंगे। 

राफेल मामले को लेकर आप काफी आक्रामक हैं। आम जनता से इस पर क्या रिस्पॉन्स मिल रहा है?
मोदी जी ने कहा था कि मैं देश का चौकीदार हूं। हमने साफ तौर से दिखा दिया कि राफेल जहाज खरीद में देश के खजाने से चोरी हुई है। एक प्रमुख समाचारपत्र ने बताया कि कैसे मोदी जी ने रक्षा मंत्रालय-कानून मंत्रालय के ऐतराज के बावजूद सबको दरकिनार कर दिया।

क्या कारण है कि प्रधानमंत्री कार्यालय खुद जहाज खरीदने का मोल-भाव कर रहा था? केवल एक ही जवाब है कि राफेल खरीद में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ। यहां तक कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि मोदी जी ने उन्हें अनिल अंबानी की कंपनी को कॉन्ट्रेक्ट देने के लिए कहा। क्या यह भ्रष्टाचार नहीं? विपक्ष के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि जब सरकार भ्रष्टाचारी काम कर रही है, तो उसे उजागर करना चाहिए। 

#Rafale दस्तावेज की चोरी पर राहुल ने कहा-  नरेंद्र मोदी पर तो FIR होनी चाहिए

युवाओं में सरकारी नौकरियों के लिए बहुत सारी चाहत है, आपकी क्या योजना है?
दो मुख्य बातें हैं। मौजूदा सरकार हर चीज का समूचा निजीकरण कर रही है। भाजपा सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण कर दिया। पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था का निजीकरण कर दिया। यहां तक कि रक्षा क्षेत्र का भी आप निजीकरण कर रहे हैं तथा एचएएल जैसी दशकों पुरानी जहाज बनाने वाली सरकारी कंपनी पर ताला लगा रहे हैं।

हमारी सोच थोड़ी अलग है। हमारी सोच में प्राइवेट सेक्टर की जगह है, मगर कुछ मूलभूत जिम्मेदारियां सरकार को ही निभानी पड़ेंगी। उदाहरण के तौर पर, देश के सबसे बेहतरीन संस्थान- आईआईटी, आईआईएम, एम्स आदि सरकारी क्षेत्र के संस्थान हैं। बुनियादी शिक्षा, बुनियादी स्वास्थ्य हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी मांग हैं और सरकार को इन सेवाओं में सबसे ज्यादा ध्यान देकर निवेश करना होगा।

जब आप स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सरकारी निवेश करेंगे, तो स्वाभाविक तौर से साधारण और गरीब आदमी के लिए रोजगार के अवसर भी बनेंगे और अच्छी सेवा भी होगी। मेडिकल को लेकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती और मोदी सरकार इससे हमेशा पीछे हटती रही है।

मेक इन इंडिया को बड़ी धूमधाम से शुरू किया गया, पर हाल बुरा रहा। आंकड़े कहते हैं कि सरकार बमुश्किल रोज 450 युवाओं को ही नौकरी दे पाती है, वादा था, 2 करोड़ रोजगार हर साल देने का। जबकि चीन हर रोज 50,000 नए रोजगार उत्पन्न कर रहा है। हमको तो तुलना चीन से ही करनी होगी।

राहुल बोले- राफेल मामले में अब पीएम मोदी पर केस चलाने के हैं पर्याप्त सबूत

आपने एक बिल्कुल अलग मिनिमम इनकम गारंटी स्कीम की घोषणा की है। इसे कैसे लागू करेंगे? 
देश के साधारण लोगों को आय की गारंटी देने वाली इस योजना पर हम कई महीनों से काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि हिन्दुस्तान में गरीब से गरीब व्यक्ति को भी सरकार के संसाधनों से आय का अधिकार होना चाहिए। तभी बराबरी का दर्जा मिल पाएगा।

के हर व्यक्ति को एक लेवल की आय गारंटी हो और इसके लिए सारा पैसा सरकार हर व्यक्ति के बैंक अकाउंट में सीधे डाले। मैं विश्वास दिलाता हूं कि यह पैसा मोदी सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे घोषित 3.5 रुपए रोज से कई गुना बेहतर होगा। ज्यादा खुलासा बाद में करेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.