Saturday, Mar 23, 2019

आखिर क्या हासिल हो रहा है नेताओं को ऐसे बयानों से

  • Updated on 3/13/2019

आज जबकि एक ओर सीमा पर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है तथा दूसरी ओर देश में होने जा रहे चुनावों के कारण राजनीतिक तापमान उफान पर है, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा इन दोनों मुद्दों पर ध्यान देने की बजाय इन पर आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं। यह समझना होगा कि ऐसे बयान देकर नेता क्या साबित करना चाहते हैं व देश को क्या दे रहे हैं?

यहां प्रस्तुत हैं मात्र पांच दिनों के भीतर विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठï नेताओं के विवादास्पद भाषणों के चंद नमूने : 
ऌवरिष्ठï कांग्रेस नेता बी.के. हरि प्रसाद ने कहा, ‘‘पुलवामा अटैक नरेंद्र मोदी और इमरान खान के बीच मैच फिकिं्सग थी।’’

तेलंगाना में कांग्रेस की स्टार प्रचारक विजया शांति ने राहुल गांधी की उपस्थिति में कहा, ‘‘लोगों से प्यार करने की जगह अब नरेंद्र मोदी एक आतंकवादी की तरह दिखते हैं।’’ 

भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय बोले, ‘‘पहले राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहा जाता था। यह एक हानिरहित और प्यारा नाम है लेकिन वह अब राष्टï्र विरोधी की तरह काम करने लगे हैं, इसलिए हमने उनके नाम को ‘पप्पू’ से बदल कर ‘गधों का सरताज’ रख दिया है।’’ 

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी तो प्रियंका चोपड़ा से भी ज्यादा कपड़े बदलते हैं और सबसे ज्यादा कपड़े बदलने वाले प्रधानमंत्री हैं।’’ उन्होंने केंद्र सरकार पर 45 जवानों की शहादत को अभिनंदन के आगे खत्म करने का आरोप भी लगाया।

राहुल गांधी द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकवादी मसूद अजहर के नाम के साथ ‘जी’ लगा कर संबोधित करने पर मचे बवाल के बीच कांग्रेस ने केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है जिसमें वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को ‘जी’ कह रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि पहले दिग्विजय सिंह ओसामा को ‘ओसामा जी’ और हाफिज सईद को ‘हाफिज साहब’ कह कर कांग्रेस की फजीहत करवा चुके हैं। 

राहुल गांधी ने भाजपा और संघ पर हमला बोलते हुए कहा, ‘‘लोगों को तय करना है कि उन्हें गांधी का हिन्दुस्तान चाहिए या गोडसे का।’’ 

राहुल ने यह भी कहा कि जिस आतंकवादी मसूद अजहर को कांग्रेस की सरकार ने पकड़ा था, उसे वाजपेयी सरकार ने छोड़ दिया तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ‘एस्कॉर्ट’ बनकर उसे कंधार ले गए थे।

केंद्रीय मंत्री अरुण जेतली ने इसका जवाब दिया, ‘‘देश को फैसला करना है कि वे मोदी को चुनें या अफरा-तफरी को।’’ उन्होंने विपक्ष के महागठबंधन को परस्पर विरोधियों का ‘आत्म विध्वंसकारी’ गठबंधन बताया।

नैशनल कांफ्रैंस के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने वायु सेना की कार्रवाई को चुनावी स्टंट बताते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि ‘‘इसने लोकसभा चुनाव जीतने के एकमात्र उद्देश्य से पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले के आदेश दिए।’’

राज्य में विधानसभा चुनाव में देरी बारे उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र की भाजपा सरकार ने कोई शैतानी करने की सोची होगी इसलिए चुनाव टल गए।’’

सपा नेता आजम खान बोले, ‘‘मुसलमानों को अब वर्तमान भारत में किराएदार समझा जाता है। सरकार को सैनिकों के खून का सौदा नहीं करना चाहिए। यह पहली बार हो रहा है कि वर्दी, सिर और खून का सौदा हो गया। सॢजकल स्ट्राइक के नाम पर वोट मांगा जा रहा है। सैनिकों की जिंदगी पर वोट गिने जा रहे हैं और बक्से भरे जा रहे हैं।’’

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने राहुल गांधी को ‘हाईब्रिड नमूना’ बताते हुए उनके द्वारा स्वयं को हिन्दू बताने पर सवाल उठाते हुए कहा ‘‘उनके पिता मुस्लिम थे और मां ईसाई हैं तो वह हिन्दू कैसे हो गए?’’ 

‘वह खुद को जनेऊधारी हिन्दू बताते हैं परंतु क्या उनके पास एक भी सबूत है कि वह हिन्दू हैं? क्या वह अपने ब्राह्मïण होने का डी.एन.ए. सबूत देंगे? यह मिश्रित नस्ल का इंसान (बालाकोट एयर स्ट्राइक का) सबूत मांग रहा है।’’

महाराष्ट्र से कांग्रेस के पूर्व सांसद हरिभाऊ राठौड़ ने कहा, ‘‘वे कहते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान पर हमला कर दिया और 350 लोगों को मार गिराया लेकिन उन्होंने एक चींटी तक को नहीं मारा।’’

यह बात समझ से बाहर है कि इस तरह के बयान देकर हमारे नेतागण देश का कौन सा भला कर रहे हैं। वे कम से कम अब तो ठीक बोलें और इस तरह की बयानबाजी से संकोच करें ताकि देश के हित प्रभावित न हों, देश की सुरक्षा पर भी आंच न आए और चुनाव भी सद्भावनापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हों।                                                    —विजय कुमार 

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