Sunday, Jun 13, 2021
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जानिए, भारत के लिए राफेल विमान के क्या हैं मायने और अंबाला में क्यों की गई तैनाती?

  • Updated on 7/30/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राफेल बुधवार को आखिरकार भारत आ गया। करीब सात हजार किमी सफर तय करने के बाद वायुसेना के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पहला राफेल विमान उतरा। इसके बाद बाकी चार ने भी लैंडिंग की।

दुनिया के सबसे घातक लड़ाकू विमानों में राफेल का नाम भी शामिल है। भारत ने फ्रांस ने 36 राफेल विमानों को खरीदा है। भारत के पास पहले से ही कई लड़ाकू विमान है लेकिन राफेल को लेकर खासी उत्सुकता जुड़ी हुई है। आईये आपको बताते हैं कि भारत के पास राफेल विमान होने के क्या मायने हैं।

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सेना को मिली बढ़त
भारतीय सेना के पास पहले ही कई एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमान हैं लेकिन राफेल के आने से भारतीय वायुसेना का मनोबल और बढ़ा है। युद्ध जीतने में राफेल विमान निर्णायक भूमिका निभा सकता है। इतना ही नहीं राफेल के आने से दुश्मनों पर बढ़त मिल सकती है।

चूंकि राफेल अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लैस है, इसलिए भी ये सबसे खास है। हवा से हवा में मार करने वाली मेटयोर मिसाइल दुनिया की सबसे घातक मिसाइल है जो किसी भी एशियाई देश के पास नहीं है।

रहेगा सबसे आगे
राफेल तकीनीक में काफी आगे है। इसमें रडार को चकमा देने की ताकत है और हर मौसम में दुश्मन की सीमा के भीतर जाकर हमला बोल सकता है। इतना ही नहीं ये हिमालय के ऊपर भी उड़ सकता है, जो कुछ ही विमानों में क्षमता होती है। यहां ये भी बता दें कि राफेल में भारत की डिमांड के अनुसार संशोधन भी करवाए हैं।

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क्यों की गई अंबाला में तैनाती
राफेल को जोधपुर के बजाय अंबाला में तैनात किया गया है। इसका कारण था चीन से तनातनी का होना और ये भी कि यहां से एलओसी और एलएसी तक जल्दी पहुंच पाएगा। वहीँ, इसका दूसरा कारण अंबाला बेस का दिल्ली के करीब होना है जो रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम है।

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