Thursday, Jul 29, 2021
-->
whatsapp privacy policy supreme court issued notice to whatsapp and facebook sohsnt

सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp और FB को फटकार, कहा- लोगों की निजना की कीमत 3 ट्रिलियन की कंपनी से ज्यादा

  • Updated on 2/15/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। व्हाट्सएप (Whatsapp) की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा, व्हाट्सएप लिखित में दे कि यूजर्स का डेटा किसी थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने नई प्राइवेसी पॉलिसी के मामले में व्हाट्सएप, फेसबुक और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। फिलहाल, इस मामले की अगली सुनावाई चार हफ्ते बाद होनी है।

सरकार के एक्शन के बाद ट्विटर ने 500 अकाउंट्स किए बंद, विवादित हैशटैग को भी हटाया

कोर्ट ने व्हाट्सएप और फेसबुक को लगाई कड़ी फटकार
नई प्राइवेसी पॉलिसी के मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि हो सकता है कि आपकी कंपनी की कीमत 2 से 3 ट्रिलीयन हो, लेकिन यूजर्स की निजता की कीमत इससे कहां अधिक है। कोर्ट ने कहा लोगों की निजता की सुरक्षा करना आपकी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने वाट्सएप और फेसबुक को नोटिस जारी कर उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रतिक्रिया मांगी है।

निजता को लेकर काफी चिंतित हैं यूजर्स- कोर्ट
मामले में आगे की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की बेंच ने कहा, यूजर्स नई प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद से अपनी निजता को लेकर काफी चिंतत हैं। कोर्ट ने यह फैसला साल 2016 में आई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सुनाया है। इस मामले में दायर याचिका में कहा गया था कि फेसबुक ने व्हाट्सएप को खरीदने के तुरंत बाद ही यूजर्स का डेटा फेसबुक के साथ शेयर करना शुरू कर दिया है।

WhatsApp प्राइवेसी पॉलिसी पर दिल्ली HC का बड़ा बयान, कहा- ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य नहीं

केंद्र और व्हाट्सएप ने रखे अपने-अपने पक्ष
केंद्र ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि, कोई कानून हो या नहीं लेकिन निजता का अधिकार मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। कोर्ट ने कहा कि व्हाट्सएप को निजता के अधिकार की रक्षा करना चाहिए, और यूजर्स का डेटा शेयर नहीं करना चाहिए। वहीं इस मामले पर व्हाट्सएप का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि कंपनी की ओर से कोई भी संवेदनशील निजी जानकारी थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं की जा रही है। उन्होंने दिल्ली हाइकोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि ये मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है।फिलहाल, इस मामले की अगली सुनावाई चार हफ्ते तक के लिए टाल दी गई है।

उधर, दिल्ली उच्च न्यायालय  ने व्हाट्सऐप  की नई निजता नीति को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने याचिका पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा व्हाट्सऐप को नोटिस जारी कर मार्च तक जवाब देने को कहा है।

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...

comments

.
.
.
.
.