Saturday, May 30, 2020

Live Updates: 67th day of lockdown

Last Updated: Sat May 30 2020 02:43 PM

corona virus

Total Cases

181,727

Recovered

93,634

Deaths

5,182

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA62,228
  • TAMIL NADU20,246
  • NEW DELHI17,387
  • GUJARAT15,944
  • RAJASTHAN8,365
  • MADHYA PRADESH7,645
  • UTTAR PRADESH7,445
  • WEST BENGAL4,813
  • BIHAR3,359
  • ANDHRA PRADESH3,330
  • KARNATAKA2,781
  • TELANGANA2,425
  • PUNJAB2,197
  • JAMMU & KASHMIR2,164
  • ODISHA1,723
  • HARYANA1,721
  • KERALA1,151
  • ASSAM1,058
  • UTTARAKHAND716
  • JHARKHAND521
  • CHHATTISGARH415
  • HIMACHAL PRADESH295
  • CHANDIGARH289
  • TRIPURA254
  • GOA69
  • MANIPUR59
  • PUDUCHERRY53
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS33
  • MEGHALAYA27
  • NAGALAND25
  • ARUNACHAL PRADESH3
  • DADRA AND NAGAR HAVELI2
  • DAMAN AND DIU2
  • MIZORAM1
  • SIKKIM1
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
whatsapp snooping how the company would protect the privacy of indians

Whatsapp जासूसी: जानें कैसे महज एक मिसकॉल से आपकी सारी जानकारी निकालता है Pegasus

  • Updated on 11/4/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सोशल मीडिया एप व्हाट्सएप के जरिए दुनिया के 1400 से ज्यादा लोगों की जासूसी की जा रही थी। इनमें 40 से ज्यादा भारतीय पत्रकार, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। यह काम Whatsapp पर एक इजरायली फर्म कर रही थी। साऊदी अरब सहित कई सरकारें इसकी क्लाइंट हैं। यह मालवेयर एक मिस्डकाल से ही मोबाइल फोन में इंस्टाल हो जाता था तथा डिवाइस में मौजूद सारी जानकारियां हासिल कर सकता था।  खुलासा होने के बाद भारत सहित पूरी दुनिया में हड़कम्प मचा है...। 

whatsapp

ऐसे हुआ खुलासा
29 अक्तूबर 2019 को व्हाट्सएप ने सेन फ्रांसिस्को के कोर्ट में केस दायर किया कि इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप Whatsapp का इस्तेमाल अमरीका और अन्य देशों में लोगों के मोबाइल फोन में स्पाईवेयर भेजने के लिए कर रहा है। इसके अगले दिन वाशिंगटन पोस्ट में Whatsapp (फेसबुक मालिकाना) के हेड विल केथकार्ट ने ओप-एड लिखा। इसमें उन्होंने बताया कि जिन्हें निशाना बनाया गया है उनमें 100 से ज्यादा मानवाधिकार की लड़ाई लड़नेवे वाली, पत्रकार और सिविल सोसाइटी के लोग हैं। 

Whatsapp ने ऐसे पकड़ा
Whatsapp की एक जांच में पाया गया कि जनवरी 2018 से मई 2019 के बीच इसके विडियो कॉलिंग ऑप्शन का इस्तेमाल कर मलवेयर हमला किया गया। इसके लिए कुछ व्हाट्सएप अकाउंट बनाए गए और इनके जरिए ही वायरस कोड भेजे गए। ये अकाउंट बनाने के लिए अलग-अलग देशों में रजिस्टर्ड नंबर इस्तेमाल किए गए। इनमें साइप्रस, इजरायल, ब्राजील, इंडोनेशिया, स्वीडन और नीदरलैंड शामिल है। यह वायरस किसी भी आईपाड और आईफोन से भी डाटा चुरा सकता था।

whatsapp

Whatsapp ने की पहचान
व्हाट्सएप ने स्पाईवेयर अटैक करने वाली कंपनी की पहचान एनएसओ ग्रुप के रूप में की है। इस स्पाईवेयर का नाम पेगासॉस है। Whatsapp ने अमरीकी फेडरल कोर्ट में इजरायली कंपनी के खिलाफ प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और 75 हजार डॉलर से अधिक आर्थिक क्षति का केस दायर किया है।

इजराइल स्पाईवेयर से पत्रकारों की जासूसी, सरकार ने व्हाट्सऐप से मांगा स्पष्टीकरण 
क्या कर सकता है पेगासॉस

पेगासॉस स्पाईवेयर वह फोन में आने वाला और जाने वाला सारा कंटेंट पढ़ और ट्रांसमिट कर सकता है तथा फोन कैमरे का इस्तेमाल कर सकता है। जिन्हें निशाना बना गया, उनमें न्यायविद, पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता, राजनीतिक विरोधी, राजदूत और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं। 

किसके लिए जासूसी
इजरायली मीडिया के मुताबिक एनएसओ ग्रुप की सेवाएं लेने के लिए साऊदी अरब ने 5.5 करोड़ डॉलर खर्च किए। यूएई के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई। खासकर उनकी जो बहरीन और साऊदी अरब में कार्यरत हैं। यह भी कहा जा रहा है कि पत्रकार जमाल खशोगी को भी इसी स्पाईवेयर से ट्रैक किया गया था। मैक्सिको के ड्रग माफिया पर काम करने वाले पत्रकारों की भी पेगासॉस के जरिए जासूसी करवाई गई। हालांकि 2016 की प्राइस लिस्ट के मुताबिक एनएसओ ग्रुप अपने एक ग्राहक से करीब 4.6 करोड़ रुपए (650,000 डॉलर) लेता था। 
एनएसओ को जानें
इजारायल का एनएसओ ग्रुप साइबर खुफिया कंपनी है। पहले इसे क्यू साइबर टेक्नॉलोजी के नाम से जाना जाता था। यह ऑनलाइन जासूसी करती है। इसे इजरायली सेना से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने शुरू किया था। 

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया जासूसी का आरोप, कहा- कोर्ट निगरानी में हो जांच 

भारत में दलित नेता निशाने पर

भारत में जिन लोगों की जासूसी पेगासॉस से कराई गई उनमें राजनीतिक विरोधी दलित नेता, वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील शामिल हैं। इनमें तीन वकील वे हैं जो एल्गार परिषद केस लड़ रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति वह था जो 2 जनवरी 2018 को कोरेगांव में दलित रैली में हुई हिंसा में मारा गया। इनके अलावा छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले तीन कार्यकर्ता, दो ऐसे पत्रकार जो दलित उत्पीडऩ के मामले में केस लड़ रहे हैं, शामिल हैं। यह माना जा रहा है कि भारत में जिनकी जासूसी करवाई गई है, उनकी संख्या ४० से ज्यादा हो सकती है। 

ऐसे काम करता है पेगासॉस
यह व्हाट्सएप वायस और वीडियो कॉल के जरिए मोबाइल फोन में पहुंचता है। आप चाहे कॉल रिसीव करें या न करें। जिन्होंने रात को कॉल नहीं सुनी उन्हें सुबह इसकी कोई जानकारी भी नहीं मिलती कि उनके फोन पर कोई मिसकॉल आया था। फोन में पेगसॉस इंस्टॉल होते ही अपने ऑपरेटर तक हर कॉल की जानकारी, कीपेड इस्तेमाल का रिकार्ड, सभी संदेश और इंटरनेट हिस्ट्री पहुंचाता है। यह खाली समय में मोबाइल फोन का माइक्रोफोन और कैमरा का भी इस्तेमाल करता है। 

whatsapp

‘सरकार या भाजपा, कौन करा रहा जासूसी’
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यदि बीजेपी या सरकार इजरायली कंपनी से मिलकर पत्रकारों, वकीलों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिज्ञों की जासूसी करवा रही है तो यह एक बड़ा स्कैंडल है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। व्हाट्सएप प्रकरण सामने आने के बाद प्रियंका ने ट्वीट किया कि उन्हें अब सरकार के जवाब का इंतजार है। 

WhatsaApp जासूसी पर प्रियंका ने खड़े किए सवाल, बोलीं- राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा असर

whatsapp

पेगासॉस की हिटलिस्ट में भारतीय

1. अंकित ग्रेवाल : चंडीगढ़ निवासी वकील। एल्गार परिषद केस में सुधा भरद्वाज के वकील हैं।
2. आनंद तेलतुम्बड़े : शिक्षाविद और एल्गार परिषद केस में आरोपी।
3. विवेक सुंदर : मुंबई निवासी सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ता, कबीर कला मंच डिफेंस कमेटी के सदस्य।  
4. बेला भाटिया : छत्तीसगढ़ की मानवाधिकार कार्यकर्ता। 
5. शुभ्रांशु चौधरी : बीबीसी के पूर्व पत्रकार और छत्तीसगढ़ में शांति कार्यकर्ता।
6. अशीश गुप्ता : दिल्ली निवासी द पिपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स के कार्यकर्ता।
7. निहाल सिंह राठौड़ : नागपुर निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील, एल्गार परिषद केस में आरोपी सुरेंद्र         गाडलिंग के वकील।
8. सरोज गिरी : दिल्ली यूनिवर्सटी में राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर।
9. देग्री प्रसाद चौहान : छत्तीसगढ़ के दलित अधिकार कार्यकर्ता।
10. सिद्धांत सिब्बल : दिल्ली में वियॉन के रक्षा संवाददाता।
11.  रुपाली जाधव : कबीर कला मंच की सदस्य।
12. सीमा आजाद : इलाहाबाद निवासी पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज की सदस्य।
13. शालिनी गेरा : एल्गार परिषद केस में वकील और पीयूसीएल छत्तीसगढ़ की सचिव।
14. राजीव शर्मा : नई दिल्ली निवासी स्तम्भकार और विश्लेषक।
15. अजमल खान : दिल्ली निवासी विद्वान जिन्होंने रोहित वेमुला की मौत के बाद प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
16. संतोष भारतीय : चौथी दुनिया के संपादक और फर्रुखाबाद से पूर्व लोकसभा सांसद 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.