Sunday, Sep 19, 2021
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WHO ने जारी की नई एडवाइजरी, कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए जीवन दायक साबित हो सकता है स्टेरॉयड

  • Updated on 9/3/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। चीन से निकलकर दुनियाभर के कई देशों में फैली कोरोना महामारी (Corona epidemic) का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत सहित कई देश कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) को जल्द से जल्द इजाद करने के काम में लगे हुए हैं। ऐसे में कोविड-19 के रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुए क्लिनिकल ट्रायल में यह बात सामने आई है कि आसानी से उपलब्ध होने वाली स्टेरॉयड दवाएं (steroid drugs) गंभीर रूप से बीमार रोगियों को कोविड-19 से बचाने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं।

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कोविड-19 मरीज के लिए मददगार है स्टेरॉयड का प्रयोग
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई एडवाइजरी के मुताबिक, कोरोना महामारी से जूझ रहे रोगियों के इलाज के लिए स्टेरॉयड का प्रयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही शुरुआती लक्षण वाले रोगियों के इलाज हेतु इसका प्रयोग न करने की सलाह दी गई है। दरअसल, इस मामले में 'जामा' (JAMA) के प्रधान संपादक डॉ हावर्ड सी बाउचर का कहना है कि कोरोना की चपेट में आने से गंभीर रूप से बिमार हुए मरीजों के इलाज के लिए स्टेरॉयड मददगार है और दुनिया भर में कोरोना के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

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 रेमडिसीवर से हो रहा था कोरोना मरीजों का इलाज
उन्होंने कोरोना महामारी की चपेट में आए मरीजों के लिए 'स्टेरॉयड' को पहली पंक्ति का इलाज बताया है। जहां एक तरफ कोरोना वैक्सिन के आने को लेकर कुछ साफ नहीं हो सका है ऐसे में अभी तक कोविड-19  मरीजों के लिए रेमडिसीवर का ही इस्तेमाल किया जा रहा था।

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स्टेरॉडय की दवा को लेकर डब्ल्यूएचओ ने किया ये दावा
स्टेरॉडय की दवा को लेकर डब्ल्यूएचओ ने दावा किया है कि इसका 1700 मरीजों पर सात अलग-अलग जगह पर तीन तरह के ट्रायल किए हैं। ऐसे में जब इसके नतीजों का आकलन किया गया तो पता चला कि स्टेरॉयड की दवा के इस्तेमाल करने के बाद कोरोना के गंभीर मरीजों में मौत का जोखिम कम हुआ है।

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प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने से होती है मौत
मालूम हो कि डॉक्टरों द्वारा मरीज के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए डेक्सामेथासोन, हाइड्रोकार्टिसोन और मिथाइलप्रेडिसोलोन जैसे स्टेरॉयड का ज्यादातर उपयोग किया जाता है। कई रिपोर्ट में अब तक ये साफ हो गया है कि कोविड-19 के मरीज की मौत का कारण वायरस नहीं बल्कि संक्रमण के कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना है।

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