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why india ordered pakistan to reduce staff strength in high commission prsgnt

भारत ने PAK उच्चायोग में 50% स्टाफ कम करने को क्यों कहा, जानिए पाकिस्तान के कारनामों की पूरी कहानी

  • Updated on 6/24/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में पाकिस्तानी राजदूतों के जासूसी के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत ने नई दिल्ली में स्थित दूतावास से पाकिस्तानी कर्मचारियों की संख्या को 50% तक घटाने को कहा है। इसके बाद आगामी 7 दिनों के भीतर ही 50 प्रतिशत पाकिस्तानी कर्मचारियों को पाकिस्तान वापस भेज दिए जाएगा।

इसके साथ ही भारत के कर्मचारी जो इस्लामाबाद में दूतावासों में कार्यरत हैं उन्हें भी कम किए जाने की घोषणा कर दी गई है।

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फैसला लेने के पीछे ये कारण
भारत सरकार ने आगामी खतरे को भांपते हुए पाकिस्तानी दूतावास के आधे कर्मचारियों को वापस भेजने का फैसला लिया है। दरअसल, भारत ये अच्छे से समझता है कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच सांठ-गांठ है और भारत में पाकिस्तानी से भेजे गये कर्मी आईएसआई के एजेंट होते हैं। जो भारत में रहकर जासूसी करते हैं।

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पकड़े गये पाक दूतावासी
इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, हाल ही में मई महीने में स्पेशल ऑपरेशन के तहत दिल्ली पुलिस ने पाक हाई कमीशन के दो अधिकारियों को जासूसी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। ये दोनों ही पाक दूतावास में वीजा सेक्शन में कार्यरत थे। भारत ने डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी के कारण इनपर कार्रवाई नहीं की और उन्हें अवांछित व्यक्ति घोषित कर उन्हें 24 घंटे के अंदर भारत छोड़ कर जाने को कहा गया।

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2016 में भी हुई थी ऐसी घटना
इससे पहले भी 2016 में इस तरह की एक घटना हो चुकी थी। उस समय भारत में पाक हाई कमीशन में तैनात महमूद अख्तर को अवैध तरीके से संवेदनशील दस्तावेज हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सरकार ने तब भी उन्हें पर्सन नॉन-ग्रेटा (अवांछित व्यक्ति) बताते हुए पाकिस्तान भेज दिया था।

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परेशान कर रही आईएसआई
वहीँ, भारत के राजनायकों को इस्लामाबाद में परेशान किया जाता है। उनका पीछा किया जाता है, उनकी जासूसी और उनके घरों के बाहर भी उत्पात मचाया जाता है। ऐसा इस्लामाबाद में तैनात शीर्ष भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया के साथ हो चुका है। उन्होंने ही बताया कि आईएसआई के गुंडे अक्सर उन्हें और बाकी भारतीय अधिकारियों को परेशान किया करते हैं।

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लगाये झूठे आरोप
इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारतीय दूतावास के कर्मचारियों परेशान करने के लिए कई तरीके अपनाता है। पिछले दिनों भारतीय दूतावास के दो कर्मचारियों को एक फर्जी एक्सीडेंट के मामले में गिरफ्तार किया और वियना संधि को भूलते हुए पाक पुलिस ने भारतीय कर्मचारियों को गिरफ्तार और उनके साथ मारपीट भी की। बाद में भारत सरकार का दबाव पड़ने पर पाकिस्तान को दोनों कर्मचारियों को छोड़ना पड़ा।

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वियना संधि का उल्लंघन
यह संधि दोनों मुल्कों के राजनयिक सम्बन्धों को बनाए रखने के लिए साल 1961 में बनाई गई थी। इस संधि के तहत राजनयिकों को विशेष अधिकार मिले हैं। इस संधि के दो साल एक और संधि का प्रावधान किया गया, जिसे वियना कन्वेंशन ऑन कॉन्सुलर रिलेशंस कहा जाता है।

इसी के आर्टिकल 31 के अनुसार, मेजबान देश की पुलिस पर दूसरे देशों के दूतावास में घुसने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। साथ ही मेजबान देश पर उस दूतावास की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी होगी। इसे अलावा, संधि के आर्टिकल 36 के मुताबिक अगर कोई देश किसी विदेशी नागरिक को हिरासत में लेता भी है, तो संबंधित देश के दूतावास को इस बारे में तुरंत जानकारी देनी होगी।

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