Wednesday, Oct 23, 2019
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दम तोड़ती धर्मनिरपेक्षता और अपने क्रूरतम स्तर पर पहुंचती मानवता

  • Updated on 6/27/2019

भारत एक धर्मनिरपेक्षता देश है। लाख विविधता होने के बाद भी ये देश अखंड है। ये बात आपने कई बड़े नेताओं और बुद्धिजीवियों के मुख से सुनी होगी। फिर क्यों इस धर्मनिरपेक्षता देश में लोगों की भीड़ धर्म के नाम पर मासूमों को बेरहमी से मार देती है? इस देश में मानवता से बड़ा धर्म होता जा रहा है। 'धार्मिक क्रूरता' अपने चरम पर है। 

इसका जीवंत उदाहरण हाल ही में झारखंड में हुई ये घटना है। एक खंभे से एक मुस्लिम नौजवान को बांध दिया जाता है। उस पर चोरी का आरोप है। कुछ लोग उसे बेतहाशा पीट रहे है। उससे कहा जाता है बोल जय श्री राम, वो बोल देता है... इसके बाद भी उस पर पड़ने वाली लाठी नहीं रुकती। फिर कहा जाता है बोल जय हनुमान... वो फिर कह देता है, इसके बाद भी उसे पीटा जाता है।

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उसे लगातार 7 घंटे तक बेरहमी से पीटा जाता है। पुलिस उसे पकड़ ले जाती है, उसे जेल में बंद कर दिया जाता है। उस पर आरोप अभी तक सिद्ध नहीं हुआ है, उसकी हालत लगातार बिगड़ती जाती है और वो मर जाता है। उसकी शादी इसी साल अप्रैल में हुई थी। उसकी मौत की खबर के बाद उसकी पत्नी बदहवास है।

ये घटना है ‘धर्मनिरपेक्षता की मिसाल’ भारत देश की। वही भारत देश जिसे हमारे माननीय प्रधामंत्री जल्द ही विश्वगुरू बनाने वाले हैं। ये वही भारत देश है जिसके प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे ताकतवर नेता हैं। ये वही भारत देश हैं जहां अनेकता में एकता की कहानी बचपन में हर बच्चे को पढ़ाई जाती है। सवाल ये कि फिर भी इस प्रकार की घटना भारत जैसे देश में क्यों?

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दुनिया का सबसे ताकतवर नेता हैं प्रधानसेवक

वो इसलिए जनाब क्योंकि इसी देश की संसद में बैठकर हमारे चुने हुए नेता जय श्री राम, जय मां काली और अल्लाह हू अकबर जैसे नारे लगाते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जनता की समस्याओं के मुद्दे के स्थान पर धार्मिक मुद्दों पर लड़ाई लड़ी जाती है। चुनावी रैलियों में भगवान राम की झांकिया निकाली जाती हैं और चुनाव आयोग ऐसा करने वालों को क्लीन चिट देने में तनिक देर भी नहीं लगाता।

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धार्मिक कट्टरता का ये दानव भारत की एकता को निगल रहा है, फिर भी सरकारें चुप हैं। इसका क्या मतलब निकाला जाए। हमने तो प्रचंड बहुमत से एक पार्टी को जिता कर अपना सर्वेसर्वा बनाया है, ताकि वो जनता के हित में फैसले लेने में देरी न करे। तो फिर क्यों सरकार को तड़पते मासूमों की चीखें सुनाई नहीं दे रही? ये किस तरह की सरकार है जो पूरी शक्ति हाथ में होने के बाद भी इतनी कमजोर है?  दुनिया का सबसे ताकतवर नेता जो कि न्याय प्रिय है, गरीबों का मसीहा है, जमीन से जुड़ा नेता है वो इस देश का प्रधानसेवक है।

प्रचंड बहुमत से आई ये सरकार चाहे तो देश में पत्ता तक न हिले। फिर क्यों मारा गया तबरेज, क्यों दम तोड़ दिया अख्लाख ने? क्या गलती थी पहलू खान की? ऐसी घटनाओं पर आपकी चुप्पी को देश कभी माफ नहीं करेगा सरकार! 

लेखिका: कामिनी बिष्ट

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख (ब्लाग) में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इसमें सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इसमें दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार पंजाब केसरी समूह के नहीं हैं, तथा पंजाब केसरी समूह उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।     

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