Monday, Dec 16, 2019
why was independence day chosen on august 15 lets know what was the main reason

#IndependenceDay : आखिर आजादी के लिए क्यों चुना गया 15 अगस्त का दिन?

  • Updated on 8/14/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। हर साल 15 अगस्त (15 August) के दिन हमारा संपूर्ण भारत पूरे जोश-खरोश के साथ आजादी के जश्न में डूब जाता है। लेकिन कभी आपने सोचा कि आखिर क्यों चुना गया ये दिन? क्या खास बात थी इस दिन की...? आइए जानते हैं इस दिन के निर्धारित होने के पीछे की उस खास वजह को..

ये बात है उस दौर की जब भारत में था क्रूर अंग्रेजों का तानाशाही शासन था। उस समय भारत के तत्कालीन वायसराय थे लॉर्ड लुईस माउंटबैटन (Lord Louis Mountbatten), जिन्हें ब्रिटिश की संसद ने भारत में सत्ता-हस्तांतरण करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इन बातों को भारत के अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी  के शब्दों में कहें तो- "अगर माउंटबेटन ने 30 जून का इंतजार किया होता तो उनके पास हस्तांतरित करने के लिए कोई सत्ता बचती ही नहीं। यही कारण था, जिसके चलते माउंटबैटन ने अगस्त 1947 में ही ये दायित्व पूरा कर दिया। आखिर ऐसा क्यों कहा राजगोपालाचारी ने, क्या थी इसके पीछे की खास वजह आइए जानते हैं...

स्वतंत्रता दिवस : जानिए, आखिर आजादी के जश्न में क्यों शामिल नहीं हुए थे महात्मा गांधी?

Image result for 15 अगस्त 1947

ब्रिटिश सरकार का भारत की आजादी को लेकर पूरा प्लान तैयार था। योजना के अनरूप भारत को आजाद़ी देने का समय निर्धरित हुआ जून, 1948। नए-नए बने भारत के वाइसराय लार्ड माउंटबैटन ने भारतीय नेताओं से मिलकर बात करना शुरू कर दिया था। पेंच तब फंसा जब जिन्ना ने अपने अलग देश बनाने की मांग करना शुरू कर दी, जिसे लेकर दोनों नेताओं  नेहरू और जिन्ना  के बीच रस्साकशी शुरू हो गई। दोनों के बीच मतभेद बढ़ने लगे। जिसका असर देश के आम जनमानस पर काफी गहरा पड़ा। इतना ही नहीं, देश के कई हिस्सों में साम्प्रदायिक झगड़े बहुत हद तक बड़ने लगे। देश की स्थिति बिगड़ते देख आजादी 1948 की जगह 1947 को ही निर्धारित करने की बात तय हो गयी।

ऑफ द रिकॉर्डः देश का जन्नत अब सुरक्षित, जाने कश्मीर का सच और धारा 370 का भ्रम

Image result for 15 अगस्त 1947 सांप्रदायिक दंगे

अब बात करते हैं 1947 में 15 अगस्त को ही क्यों चुना गया...?

लार्ड माउंटबैटन की जिंदगी में 15 अगस्त का दिन बहुत खाश था। खास होने की वजह थी 15 अगस्त, 1945 के दिन द्वितीय विश्र्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश के सामने जापानी आर्मी ने आत्मसमर्पण कर दिया था। उस समय ब्रिटिश की सेना में लार्ड माउंटबैटन अलाइड फोर्सेज़ में कमांडर थे।  जिसका पूरा श्रेय माउंटबैटन को दिया गया था। बस यही कारण था जिसके चलते उन्होंने 15 अगस्त को अपनी जिंदगी का सबसे अच्छा दिन मान लिया और भारत की आजादी को इसी दिन में बदल कर इस दिन को और यादगार बना दिया।

भारतीय स्वतंत्रता के बाद इन लोगों ने संभाली कांग्रेस की कमान

Related image

इस साल 15 अगस्त 2019 को हम अपने प्यारे देश भारत की आज़ादी का 73वां जश्न पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे। आशा करते हैं कि स्वतंत्रता दिवस आपके जीवन में भी ढेर सारी खुशियां ले कर आये। पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स की तरफ़ से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें। जय हिंद।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.