Sunday, Oct 17, 2021
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वन स्पोर्ट वन स्टेट, वन कार्पोरेट वन इवैंट जैसी योजना लागू करेंगेः अनुराग ठाकुर

  • Updated on 8/24/2021

छोटी सी उम्र में चमक बिखरने के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है छोटे से प्रदेश का एक सितारा। नाम है अनुराग ठाकुर। क्रिकेट खेलने से शुरूआत की और हिमाचल में क्रिकेट के ढांचे में खामियां देखीं, खिलाडिय़ों को किट जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते देखा तो बल्ला छोड़ क्रिकेट प्रबंधन की ओर मुड़ गए। फिर देश में क्रिकेट प्रबंधन करने वाली सर्वोच्च संस्था बी.सी.सी.आई. में सचिव और फिर इसके मुखिया भी बने।

राजनीति में पारी शुरू की तो लगातार चौथी बार सांसद बने, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और अब कैबिनेट में दो महत्वपूर्ण मंत्रालय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा खेल एवं युवा सेवाओं के मामलों के मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के घर पैदा हुए तथा हमीरपुर संसदीय सीट से चार बार सांसद रहे अनुराग ठाकुर इन दिनों हिमाचल प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को देर रात तक उनका इंतजार करके स्वागत करते देख यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश की जनता को भी अपने हरदिल अजीज नेता से काफी उम्मीदें हैं। हिमाचल में जन आशीर्वाद यात्रा के व्यस्त शैड्यूल में अपने घर समीरपुर (जिला हमीरपुर) पहुंचे केंद्रीय युवा, खेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर से हमारे हमीरपुर प्रतिनिधि प्रकाश ठाकुर ने विशेष बातचीत की। पेश हैं उनसे कुछ सवाल-जवाब :-

कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पहली बार आप हिमाचल आए। अपने लोगों के बीच आकर आपने कैसा महसूस किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों का जिम्मा मुझे सौंपा है। जिम्मेदारी मिलने के 40 दिन के बाद हिमाचल आया हूं। आशीर्वाद यात्रा की शुरूआत हिमाचल की सीमा से होनी थी। हम चंडीगढ़ में हिमाचल भवन आ रहे हैं, इसकी सूचना जैसी ही लोगों को मिली, पूरा हिमाचल भवन खचाखच भर गया। 3 हजार से अधिक लोग वहां आशीर्वाद देने पहुंच गए। बड़ी बात यह थी कि लोगों की मांग कोई नहीं थी, बस वे अपना सहयोग और समर्थन दिखाने के लिए आए थे। इतना प्यार और उत्साह व अपनापन जो लोगों ने दिखाया है, ये लम्हे तमाम जिंदगी यादों में बने रहेंगे और मुझे सतत् मेहनत करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। पार्टी ने मुझे जिम्मा सौंपा था इसलिए 37 विधानसभा क्षेत्रों का यह पूर्व निर्धारित दौरा किया। इस दौरे में लोगों का अथाह प्यार मिला है। मेरा काम पार्टी की दी हुई जिम्मेदारी को ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करना है।

यात्रा से लौटकर मोदी जी को क्या संदेश देंगे आप?
5 दिन के प्रवास में 150 के करीब कार्यक्रम और करीब सवा लाख लोगों से संपर्क का अनुभव, आशीर्वाद और स्नेह लेकर जा रहा हूं। बरसात में, रात के अंधेरे में सुनसान स्थानों पर सड़क के किनारे बड़ी संख्या में लोग और उनमें मौजूद उत्साह यह बताता है कि प्रदेश के लोगों का विश्वास प्रधानमंत्री पर और उनकी सरकार पर यथावत बना हुआ है। यही संदेश हम प्रधानमंत्री को देंगे।

डीजल, पैट्रोल और रसोई गैस की कीमतों बारे सरकार का क्या विचार है?
देश में पैट्रोल और डीजल के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचने के लिए पूर्व की मनमोहन सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने तेल कंपनियों को सबसिडी देना बंद कर दिया। तेल कंपनियां पर आर्थिक बोझ बढऩे लगा तो कंपनियों ने तेल की कीमतों को बढ़ाने की इजाजत मांगी। सरकार ने न दाम बढ़ाने की इजाजत दी और न सबसिडी की राशि। तेल कंपनियों को घाटा पूरा करने के लिए बाजार में ऑयल बांड जारी कर पैसा उठाने के आदेश दे दिए। तेल कंपनियों ने केंद्र के निर्देश पर लाखों करोड़ रुपए बाजारी से उठा लिए, जिनका भुगतान मोदी सरकार ब्याज सहित लोगों को कर रही है। यद्यपि सस्ते तेल को लेकर सरकार पर टैक्स कम करने का दबाव है लेकिन ऑयल बांड की किस्तों व ब्याज के भुगतान के लिए राशि जुटाने के कारण तेल की कीमतें कम करना सरकार के लिए चाहकर भी संभव नहीं है। मोदी सरकार के दोनों कार्यकाल में तेल पर लगाए गए टैक्सों से 115.73 करोड़ रुपए का अतिरिक्त रैवन्यू मिलेगा जबकि इन 10 वर्षों में ऑयल बांड के ब्याज और प्रिंसीपल री-पेमैंट्स की राशि 1.43 लाख करोड़ रुपए बैठती है, जोकि अतिरिक्त राजस्व का महज 9 फीसदी ही है।

यात्रा में शांता कुमार का आशीर्वाद मिला। आप इस लम्हे को कैसे देखते हैं?
शांता जी प्रदेश के सबसे सीनियर नेता हैं, वह अन्य कार्यकत्र्ताओं की तरह स्वयं चलकर आए थे, उन्होंने स्वागत भी किया और आशीर्वाद भी दिया। जब किसी व्यक्ति का कद बड़ा होता है तो उससे उम्मीदें भी बढ़ती हैं। 

खिलाडिय़ों, खेलों व खेल संघों की मांगों पर कैसे खरा उतरेंगे आप?
खेलों को अपने राज्य में बढ़ावा देना राज्य सरकार को काम होता है। खेल संघों का काम प्रदेश में अच्छे खिलाडिय़ों का चयन करना व खिलाडिय़ों को सुविधाएं मुहैया करवाना है और स्टेट सबजैक्ट होने के कारण सरकार को भी विभिन्न स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम तय करने चाहिए जिसमें खिलाडिय़ों को प्रतिस्पर्धा करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिले। वन स्पोर्ट वन स्टेट, वन कार्पोरेट वन इवैंट जैसी योजना राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की तैयारी करेंगे, ताकि प्रदेशों से अच्छे खिलाड़ी आगे आएं। सरकार ने खेलों का बजट बढ़ाया है और ऐसे खिलाड़ी जो भविष्य में शानदार प्रदर्शन करें, उनके लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं देने के प्रयास सरकार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करते हैं। ओलिम्पिक खेलों में मैडल जीतकर आए खिलाडिय़ों को उन्होंने जितना सम्मान और समय दिया, उतना ही अधिमान व सम्मान उन्होंने मैडल न पा सकने वाले खिलाडिय़ों को भी दिया। 

क्या आपकी सरकार स्कूलों में खेलों को आवश्यक विषय के रूप में शामिल करने पर विचार कर रही है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को खेलों की दुनिया में एक शक्ति के रूप में स्थापित होते देखना चाहते हैं। इसलिए देश में कोरोना बंदिशों के चलते जब सब कुछ बंद किया गया था, उस दौर में भी उन्होंने ओलिम्पिक खेलों में भाग लेने के लिए जा रहे सभी खिलाडिय़ों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं मुहैया करवाईं। जो खिलाड़ी ओलिम्पिक में खेलने गए थे, स्कूली बच्चे उनसे प्रेरणा ले सकें, इसके लिए इन खिलाडिय़ों को प्रदेश के 75 चयनित स्कूलों में भेजा जा रहा है। खिलाड़ी स्कूली बच्चों की शंकाओं को समाधान करवाएंगे और उनसे संवाद स्थापित कर उन्हें खेलों में आगे आने के लिए अपने अनुभव सुनाएंगे तथा अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए क्या करें और क्या न करें, की सीख देंगे।

हिमाचल में भी साहसिक खेलों की काफी संभावनाएं हैं। आप क्या प्रयास करेंगे?
हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों से नवाजा है। यहां पर ऐसे स्थान हैं जहां पर साइकिलिंग व मोटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। पैराग्लाइडिंग में हिमाचल के बीड़ बिलिंग का नाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हवा में उड़ान भरने के इस रोमांचक खेल को बीड़ बिलिंग में आयोजित करने के साथ-साथ प्रदेश में इसकी अन्य साइट्स भी तलाशी जानी चाहिए। वाटर स्पोट्र्स के लिए रणजीत सागर डैम और गोबिंदसागर जैसे स्थान हैं। प्रदेश की सभी नदियों में बड़े पैमाने पर रिवर राफ्टिंग को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग की गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं। हिमाचल प्रदेश को एडवैंचर स्पोर्ट्स का डैस्टीनेशन बनाने के लिए जो भी बन पड़ेगा, सीरियस प्रयास किए जाएंगे।

केंद्र ने हिमाचल को 69 नैशनल हाईवे का तोहफा दिया था। लेकिन एन.एच. के इस प्रोजैक्ट में से कुछ पर ही काम हो रहा है?
नितिन गड़करी ने उस समय जनप्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों के आधार पर यह घोषणा की थी। ये प्रस्ताव जब दिए गए थे तो प्रस्ताव देने वालों को भी यह पता नहीं था कि जिस सड़क का वो नाम दे रहे हैं क्या वह सड़क एन.एच. बनने के मापदंड को पूरा करती है या नहीं। जब सरकार ने इन घोषणाओं के अनुसार धरातल पर काम शुरू किया तो अधिकांश सड़कों की बायबिलिटी ही नहीं बन पा रही थी। इसके चलते कई प्रोजैक्ट रद्द हो गए। जिन प्रोजैक्ट की बायबिलिटी बनती है, उन परियोजनाओं पर काम शुरू हो रहा है और कुछ परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए काम चल रहा है। बायबल सड़कों पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किया जाएगा।

किसानों के साथ थे, साथ हैं, साथ रहेंगे

देश में चल रहे किसान आंदोलन बारे अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार ने 11 बार किसान संगठनों से बात की है। आगे भी बातचीत के दरवाजे सरकार ने खुले रखे हैं। किसान एम.एस.पी. पर खरीद की मांग कर रहे हैं। तो सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य न केवल बरकरार रखे हैं, बल्कि इनमें समय-समय पर बढ़ौतरी भी की है। पिछली बार की अपेक्षा इस साल अधिक मात्रा में सरकार ने किसानों से समर्थन मूल्य पर उनके उत्पाद खरीदे हैं। सरकार कई बार आंदोलन को समाप्त करने की अपील कर चुकी है लेकिन कुछ लोग अपने एजैंडे को आगे बढ़ाने के लिए आंदोलन को चलाए हुए हैं। मोदी सरकार किसानों के साथ थी और आगे भी खड़ी रहेगी।

शेयर मार्कीट में तेजी शुभ संकेत

देश की जी.डी.पी. गिर रही है, औद्योगिक उत्पादन पर भी असर पड़ा है? अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार ने कोरोना काल में आई इस आपदा से उद्योगों को मंदी से निपटने के लिए 3 लाख करोड़ का पैकेज दिया है, जिसके तहत उद्योगों को सस्ती दरों पर बिना किसी गारंटी के कर्ज दिया गया है, ताकि उद्योग जगत अपने पैरों पर फिर से खड़ा हो सके। लघु और कुटीर उद्योगों को भी इसी प्रकार की आर्थिक मदद सस्ती दरों पर मुहैया करवाई है, जिसका असर अब दिखने भी लगा है। बहुत से उद्योग पटरी पर आने लगे हैं। जी.एस.टी. की कलैक्शन फिर बढऩे लगी है। बहुत से उद्योग लाभ भी कमाने लगे हैं, शेयर मार्कीट में तेजी है, जो आने वाले दिनों के लिए शुभ संकेत है। 

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