Sunday, May 22, 2022
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will not spare those who try to spoil the situation in punjab: meenakshi lekhi

पंजाब के हालात खराब करने की कोशिश करने वालों को नहीं बख्शेंगे: मीनाक्षी लेखी

  • Updated on 1/17/2022

नई दिल्ली / टीम डिजिटल। पंजाब में विधानसभा चुनाव 14 फरवरी को होने हैं। भाजपा इस बार पंजाब में सरकार बनाने का दावा कर रही है। इसे लेकर नवोदय टाइम्स के श्रमित चौधरी ने विदेश राज्य मंत्री और पंजाब मामलों की इंचार्ज मीनाक्षी लेखी से खास बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंशः-

किसान आंदोलन हुआ, उसके बाद कानून वापस हो गए। इन सब के बीच भाजपा ने क्या- कुछ प्लान किया हुआ है?
पंजाब में सूर्योदय की जरूरत है, वो सूर्योदय पार्टी देख रही है। लोगों का जो भाजपा को लेकर स्नेह है, वो बहुत है। हमने कभी काम किसी मतलब के लिए नहीं किया। पंजाब हमारा प्रदेश है इसलिए हमने काम किया है। जितना विकास पंजाब में हुआ है, वह सारा विकास भाजपा ने किया है।

भाजपा के लिए पंजाब में माहौल पहले भी सही नहीं रहा। चाहे कानून वापस ले लिए गए हों, लेकिन आपको क्या लगता है क्या आप जनता तक सही तरह से अपनी आवाज पहुंचा पा रहे हैं?
भाजपा के लिए माहौल अच्छा है।भाजपा का प्यार, मोदी जी का स्नेह पंजाब के लिए बहुत है। 2014 में पंजाब की सड़कों की नपाई 1,140 कि.मी. थी। 70 साल आजादी को हुए, बहुत सरकारें केंद्र और प्रदेश में आईं लेकिन पंजाब में सड़कें मोदी सरकार ने बनाकर दीं। पहले 10 अंडरपास थे, अब 292 हैं। बड़े गुरुद्वारों में जो भी काम किया है, वो भाजपा ने किया है। सारे काम भाजपा ने और मेरे डिपार्टमैंट ने करके दिए। करतारपुर कॉरिडोर का काम भी मोदी सरकार ने करके दिया है। अफगानिस्तान से हमारे सिख भाइयों को लाने का काम भी मोदी सरकार ने किया।

क्या आपको लगता है, जो आपने काम किया है, वो सीटों में तबदील हो जाएगा?
बिल्कुल। हमने लोगों से बात की है। चाहे ड्रग्स हो, स्मगलिंग हो, उस पर कोई नकेल कस सकती थी तो वो भाजपा सरकार थी। यहां तो हमारी सरकार भी नहीं थी, फिर भी हमने यहां काम किया है क्योंकि हमारा दिल पंजाब के लोगों के लिए साफ है। 

दिल्ली में भी भाजपा ने जोर लगाया लेकिन आम आदमी पार्टी बाजी मार गई। अगर दिल्ली वाला प्वाइंट इधर भी चल गया तो क्या दिल्ली में भाजपा के लिए चुनौती खड़ी हो जाएगी?
क्या आपको लगता है, दिल्ली में चल गया? दिल्ली में तो और ज्यादा सिस्टम खराब हुआ। उनका सिक्का वहां नहीं चला। पंजाब का टैंपरामैंट बिल्कुल अलग है। इधर हमने वो सब कुछ करके दिया है। चाहे एम.एस.एम.ई. का काम हो... चाहे जी.एस.टी. की, एम.एस.एम. की अढ़ाई करोड़ का बेनिफिट होना चाहिए वो हमने किया है। हर घर नल पहुंचाए। किसान सम्मान निधि के पैसे उनके खातों में डाले। हम वादा नहीं कर रहे, वादा पूरा करके दिया है। दिल्ली में दिव्यांग लोगों को पैंशन नहीं मिल रही है, वो इधर क्या देंगे। बिजली ही नहीं आ रही है तो फ्री कहां से देंगे। कोरोना में दुकानें 
बंद रही, उनके भी बिल आए हैं। मुझे लगता है पंजाब थोड़ा दिमाग से दुरुस्त है, यहां  के लोग बातों में आने वाले नहीं हैं।

भाजपा ने आपके जैसे पंजाबी यहां बुलाए हैं। आप यहां लोगों के बीच घूम रहे हो, क्या बड़े मुद्दे आपको नजर आ रहे हैं? क्या पुराने गठबंधन के साथियों और अकाली दल की कमी महसूस हो रही है?
जी नहीं, कोई मिस नहीं कर रहे। हम किसी को मिस नहीं कर रहे। मैं एक बार मंडी गोबिंदगढ़ गई थी। वो सीट हमने कभी नहीं लड़ी। वहां लोगों ने कहा कि बहन जी, आप मोदी जी को कब लेकर आ रही हैं? मैंने कहा, चुनाव का देखो क्या बनता है। तो उन्होंने कहा कि हम भक्त लोग हैं, हमें प्रभु दर्शन तो कराओ। हम उम्मीद करते रह गए कि वोटिंग मशीन में कहीं कमल का फूल दिख जाए व हम वो बटन दबा दें लेकिन हमें फूल दिखाई ही नहीं देता था। अब हमें कमल का फूल चाहिए।

जब मोदी जी आए तो बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई। भाजपा कह रही है कि समस्या सिक्योरिटी की थी। कांग्रेस कह रही है कि रैली में कम लोग आए थे, इसलिए समस्या हुई। वो कैप्टन पर भी तंज कस रहे हैं।
मैं बहुत छोटी-सी बात कहती हूं कि अगर आपकी बात मान ली जाए, तो क्या आपका फर्ज नहीं बनता कि मोदी जी वहां पहुंच जाएं। आपको तो और उम्मीद होनी चाहिए। आपको तो और पता होना चाहिए कि चलो जी इनको भेजो, रैली में लोग कम हैं  रैली को छोड़ दो, इन्होंने जो हरकत की है, वो मैसेज कुछ और था। प्रधानमंत्री को रोकने का काम इन्होंने किया है। जिन्होंने 84 अपनी आंखों से देखा है, उनको पता है कि ये देश में क्या हालात पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। विदेशी ताकतों के साथ मिलकर यहां के हालात खराब करने की कोशिश करने वाले लोगों को हम बख्शेंगे नहीं। इनकी अपनी इंटैलीजैंस रिपोर्ट और इनके बंदे थे।

ये स्टेट की इंटैलीजैंस रिपोर्ट है कि यहां पर 1 लाख लोग आएंगे। हमारी रिपोर्ट डेढ़-दो लाख की थी। अगर यहां पर लोग नहीं आने वाले थे, तो इन्होंने जितनी सड़कें रैली स्थल की तरफ जा रही थीं, वहां बैरिकेडिंग क्यों की? यहां पर वीडियो सामने आए हैं, जिनमें इन्होंने सुबह से निकले लोगों के उनकी बसों से खाने के पैकेट खींचे हैं। ऐसे काम पंजाब में नहीं होते हैं। गरीब से गरीब घर भूखे को दो रोटी खिला के भेजेगा। किसी के हाथ की रोटी छीनने का काम यहां नहीं होता। इन्होंने ये किया। इनको डर था कि अगर मोदी जी आ गए तो लोग इकट्ठे होंगे और मैसेज बहुत बड़ा जाएगा। ये स्पॉन्सरशिप काटने का काम था, इन्होंने इसलिए ये सब किया। प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी व गाडिय़ों व पार्टी के कार्यकत्र्ताओं की गाडिय़ों को रोका। जिसे ये चूक कह रहे हैं, मैं उसे साजिश कहती हूं।

कांग्रेस कहती है कि पंजाब में नशे को बढ़ावा देने के लिए भाजपा व शिअद गठजोड़ जिम्मेदार है। वह बिक्रम मजीठिया का नाम लेती रहती है। आप क्या कहेंगी?
हम लोग ड्रग्स के खिलाफ हैं। बिक्रम मजीठिया के खिलाफ केस चल रहा है। मामला पैंडिंग भी है। कांग्रेस ने क्या काम किया वो बता दें। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में जो चूक हुई है क्या इसमें ड्रग माफिया का कोई रोल नहीं है? चन्नी जी का खेद व्यक्त करना काफी नहीं है। जिन ताकतों के कहने पर ये काम होने दिया, उसकी जवाबदेही तो होनी चाहिए। अब आप खेद व्यक्त कर रहे हो, जब सुप्रीम कोर्ट की जज मामले की जांच करने में लगी है। 

भाजपा के लिए सीटों की कितनी उम्मीद है?
सरकार भाजपा की बन रही है। हम आपको डाटा भी दे देंगे। जो अलायंस है, उसमें हमारा नंबर जो भी तय होता है हम आपको सही नंबर भी बता देंगे। छुपकर कोई काम नहीं किया जाएगा।

नशे के मुद्दे पर बड़े इल्जाम आपकी पुरानी सरकार, जो गठबंधन में थी, तब भी लगते थे। इस मुद्दे पर गारंटियां भी आ रही हैं दूसरी तरफ से। क्या लगता है कि ये मुद्दा कब सुलझेगा?
हम समस्या सुलझाने वाले लोग हैं। बी.एस.एफ. का एरिया बढ़ाने का जो काम किया गया है, उसकी यही वजह है। सरकार आए, न आए। हमने बी.एस.एफ. की ड्यूटी इसी वजह से ही लगाई है क्योंकि यहां प्रशासन की सांठ-गांठ साफ दिखती है। लोग सॉल्यूशन की गारंटी दे रहे हैं, हम करके दिखा रहे हैं। हमारी सरकार नशे के 100 फीसदी खिलाफ है। ड्रग की स्मगलिंग हमारी आने वाली पीढिय़ों को खराब करती है।

अब जो चंडीगढ़ पुलिस की भर्ती हुई, उसका रिजल्ट आंखें खोलने वाला है। इस भर्ती में 80 से 90 फीसदी हरियाणा के लोग भर्ती हुए हैं। सिर्फ 10 या 20 फीसदी पंजाबी इसमें सिलैक्ट हुए हैं। पंजाबी फिजिकल में फेल हुए हैं। जहां हम सबसे आगे होकर पुलिस और आर्मी में जाते थे, हम ओलिम्पिक विनर्स थे, हमारे मिल्खा सिंह जैसे खिलाड़ी थे। अब हमारी नस्ल खराब हो रही है उसकी जिम्मेदारी किसकी है ? यह बात मुझे एक मां और एक पंजाब के युवक ने कही। इस पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।

हम पीछे जा रहे हैं। कोई तो कारण होगा न। एडमिनिस्ट्रेशन और गुड गवर्नैंस फेलियर तो होनी है न। मेरी नजर में दो मुद्दे हैं, पहला मुद्दा है कि ये बॉर्डर स्टेट है। बॉर्डर स्टेट की आऊटलुक और वहां के लोगों की आऊटलुक में भी फर्क होना चाहिए। सेफ्टी, सिक्योरिटी, नैशनल सिक्योरिटी पहला मुद्दा है। दूसरा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है ड्रग्स का। ड्रग मनी पालीटिक्स से लेकर इंडस्ट्री और हमारी अगली नस्ल को खराब कर रही है। इसको सुधारने का काम भी सैंट्रल गवर्नमैंट में बैठी ताकतें कर सकती हैं।

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