Friday, Sep 29, 2023
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will tata group become air india bid will be lodged this month on a debt ridden airline prshnt

क्या टाटा ग्रुप की हो जाएगी एयर इंडिया? कर्ज में डूबी एयरलाइन पर इस माह दर्ज होगी बोली

  • Updated on 4/6/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सरकारी विमानन कम्पनी एयर इंडिया (Air India) को खरीदने की दौड़ में सबसे आगे टाटा संस लिमिटेड (Tata Sons Limited) और सरकार के बीच सौदा पूरा होने में ज्यादा देरी नहीं दिखाई पड़ रही। सूत्रों से पता लगा है कि टाटा इस माह के अंत से पहले अपनी बोली दर्ज कराएगा। बता दें कि सरकार कर्ज में डूबी एयर इंडिया को बेचना चाहती है। 
2007 में राज्य-संचालित इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय होने के बाद एयरलाइन का सालाना प्रोफिट गिर गया। आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में एयर इंडिया के कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में कम्पनी की ओनरशिप कर्मचारियों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है। वे चाहते हैं कि ओनरशिप किसी को भी जाए लेकिन सरकार पैंशन से संबंधित मामलों का ध्यान रखे।

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टाटा ग्रुप ने ही शुरू की थी एयर इंडिया 
बता दें कि एयर इंडिया को टाटा ग्रुप ने ही साल 1932 में शुरू किया था। बाद में 1953 में इसे सरकार को बेच दिया गया। अब एक बार फिर टाटा ग्रुप एयर इंडिया को अपना बनाना चाहता है। सरकार को उम्मीद है कि एयर इंडिया का विनिवेश अगले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही तक पूरा हो जाएगा।

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कर्ज में डूबी है कम्पनी
इस समय एयर इंडिया पर 90000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष में कम्पनी 10,000 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज करेगी। टाटा ग्रुप एयर इंडिया के लिए अपनी बिड एयर एशिया इंडिया के जरिए लगाने वाला है। एयर एशिया इंडिया में टाटा ग्रुप के पास कंट्रोङ्क्षलग स्टैक है। वहीं अजय सिंह ने मिडिल ईस्ट के सॉवरेन फंड के साथ मिलकर एयर इंडिया को खरीदने की योजना बनाई है।

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कर्मचारी कंसोर्टयम भी हैं खरीदारों की रेस में
बता दें कि सरकारी विमानन कम्पनी एयर इंडिया बिक्री प्रक्रिया से गुजर रही है। इसे खरीदने में दिलचस्पी रखने वालों की संख्या कम हो गई है। दरअसल एयर इंडिया के कर्मचारियों का एक समूह एयर इंडिया कर्मचारी कंसोर्टयम भी खरीदारों की रेस में था लेकिन अब बाहर हो गया है। एयर इंडिया कर्मचारी कंसोर्टयम को सोमवार को ट्रांजैक्शन एडवाइजर द्वारा प्रक्रिया से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। अब रेस में सबसे आगे टाटा संस और स्पाइसजैट हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि एयर इंडिया का मालिकाना हक एक बार फिर टाटा ग्रुप के पास जा सकता है। 

दरअसल एयर इंडिया के 209 कर्मचारियों के एक समूह ने कम्पनी में हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक्सप्रैशन ऑफ इंट्रस्ट (ई.ओ.आई.) जमा किया था, लेकिन अब इसे खारिज कर दिया गया है। फाल्कन टायर्स के एस्सार और पवन रुइया ने भी एयर इंडिया के लिए बोली लगाई थी।

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