Monday, Jan 21, 2019

कूड़ा न डाल जाएं पालिका वाले, इसलिए सर्द रातों में महिलाएं तंबू लगाकर दे रहीं पहरा

  • Updated on 1/8/2019

उत्तरकाशी/ब्यूरो। कूड़ा निस्तारण की समस्या उत्तरकाशी नगरपालिका के लिए जी का जंजाल बनकर रह गई है। देवीदार से आगे गंगोत्री राजमार्ग से भागीरथी में कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिला प्रशासन ने कूड़ा निस्तारण के लिए कंसेण गांव के नीचे भागीरथी तट का प्रस्ताव रखा। लेकिन ग्रामाणों ने 8 दिसम्बर को इसका कड़ा विरोध किया। प्रशासन यहां कूड़ा न डाल सके, इसके लिए सर्द रातों में पहरा देना शुरू किया। इससे पालिका एवं जिला प्रशासन को कूड़ा निस्तारण एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है।

प्रशासन के जलविद्युत निगम से वार्ता के बाद कूड़ा निस्तारण का स्थान भागीरथी तट चयन करते ही कंसेण, डांग आदि गांव के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। गांव की महिला मंगलदल अध्यक्ष जगतमा देवी का कहना है कि शहर के कूड़े से ग्रामीण क्षेत्रों में महामारी फैलने के खतरा है। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन के फैसेले का विरोध ही नहीं कर रहे, बल्कि 8 दिसम्बर से कड़ाके की ठंड में तंबू गाड़कर महिलाएं रात-दिन कड़ा पहरा दे रही हैं। 

पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल ने बताया कि पालिका के पास कूड़ा डंपिंग के लिए कोई स्थान नहीं है। इससे हमारा डोर टू डोर कूडा कलेक्शन प्रभावित हो गया। हम आखिर कूड़ा कहां ले जाए। शहर के कूड़े को रामलीला मैदान के एक कोने में डंप कर रहे हैं। यदि जल्द डंपिंग के लिए स्थान नहीं मिलता, तो शहर में कूड़े के ढेर लग जाएंगे।

उधर, ग्रामीण जीतेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक गोपाल सिंह रावत से ग्रामीण मिले, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी सूरत में कंसेण के नीचे कूड़ा डंप नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रशासन पुलिस के बल पर हमें डरा रही है। प्रशासन से हम आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

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