Thursday, Jan 20, 2022
-->
wooden-bridge-at-qutubtinar-ready-for-tourist-convenience

पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार हुआ कुतुबतीनार में वूडेन ब्रिज

  • Updated on 9/19/2021

नई दिल्ली।अनामिका सिंह। कुतुबमीनार परिसर में कई जगह ऐसी थीं जिनकी सीढियां वक्त के साथ इतनी चिकनी हो चुकी थीं कि आए दिन उस पर से उतरते व चढते समय पर्यटकों का पैर फिसल जाया करता था। कई बार पर्यटक ही नहीं बल्कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारी भी यहां से फिसलकर चोटिल हो चुकें हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए पर्यटकों की सुविधाओं के लिए एएसआई ने वूडेन ब्रिज तैयार करवा दिया है। 
जाने कैसे जयपुर के राजा ने दी बंगला साहिब के लिए जमीन

3 जगहों पर बना है वूडेन ब्रिज
बता दें कि यह वूडेन ब्रिज कुतुबमीनार परिसर में 3 जगहों पर बनाया गया है। ब्रिज पर चढने व उतरने के दौरान पूरी तरह बैलेंस को कंट्रोल में करने के लिए रैलिंग भी लगवाई गई हैं। इसमें से एक वूडेन ब्रिज मीनार से कुतुब इस्लाम मस्जिद को जाने वाले रास्ते पर लगाया गया है जबकि दूसरा वूडेन ब्रिज लौह स्तंभ से कुतुब मीनार की ओर आने वाले रास्ते पर लगवाया गया है। वहीं तीसरा वूडेन ब्रिज इमाम जमीं गुंबद व अलाई दरवाजा को जोडते हुए बनाया गया है। 
अब दिल्ली के दिल के साथ खींचवा सकेंगे फोटो

अब बुजुर्ग व दिव्यांग भी धूम पाएंगे पूरा कुतुब परिसर 
वूडेन ब्रिज से सर्वाधिक सहूलियत उन पर्यटकों को होगी जो बुजुर्ग हैं या फिर दिव्यांग हैं। पहले वो पूरे कुतुब परिसर की सुंदरता व वास्तुशैली को देखने से चूक जाया करते थे क्योंकि उन्हें सीढियों पर चढने-उतरने में असुविधा होती थी। लेकिन अब एएसआई ने उनकी इस दुविधा को दूर कर दिया है। वूडेन ब्रिज के माध्यम से वो पूरा कुतुब परिसर आसानी से देख पाएंगे।  

दिल्ली सरकार के काॅलेजों में बन रही है ट्रेंकेटिड गवर्निंग बाॅडी

वूडेन ब्रिज में कांच का भी किया गया है इस्तेमाल
एएसआई के एक अधिकारी ने बताया कि वूडेन ब्रिज में बीच-बीच में कांच का भी प्रयोग किया है ताकि पर्यटक ऐतिहासिक इमारत की सीढियों को इस कांच के जरिए देख सकें।  
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.