Thursday, Mar 21, 2019

कार्यकर्ता का दावा- प्लास्टिक युक्त सैनिटरी पैड से हो रहा है गर्भाशय का कैंसर

  • Updated on 3/9/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उत्तराखंड के चंपावत जिले की एक सामाजिक कार्यकर्ता ने राज्य चालित किशोरी स्वच्छता कार्यक्रम के तहत दिए जाने वाले प्लास्टिक युक्त सैनिटरी पैड पर प्रतिबंध लगाने की शुक्रवार को मांग की। उनका दावा है कि ये पैड महिलाओं में त्वचा संबंधी रोग के अलावा गर्भाशय के कैंसर का भी कारण बन रहे हैं।

सामाजिक कार्य के लिए तिलु रौतेली पुरस्कार की विजेता रीता गहतोरी ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं जो दूर-दराज के इलाकों से पानी या चारा लाने के लिए अक्सर बाहर ही रहती हैं उनमें यह जोखिम सबसे ज्यादा होता है।

उन्होंने कहा, मुझे चिकित्सकों ने बताया है कि किशोरी स्वच्छता कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा गांवों में वितरित किए जा रहे ऐसे सैनिटरी पैड त्वचा रोग का कारण बन सकते हैं। लापरवाही की सूरत में उन्हें लगाए रखने से गर्भाश्य का कैंसर होने का भी खतरा हो सकता है।

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