Monday, May 16, 2022
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world heart day 2021 special healthy heart is important to keep the beating of life going

World Heart Day 2021 :  जीवन की धड़कन चलती रहे, स्वस्थ हृदय जरूरी

  • Updated on 9/29/2021

नई दिल्ली/अंकुर शुक्ला। World Heart Day: हृदय शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। इसकी कार्यप्रणाली सीधे शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। हृदय से संबंधित समस्याएं अन्य अंगों पर असर डाल सकती है और दूसरी बीमारियों का कारण  बन सकती है। 

युवाओं का हृदय रोग, विशेषज्ञों की चिंता : 
अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की हालिया मृत्यु ने इनदिनों युवाओं में हृदय रोगों के बढ़ने के विभिन्न कारणों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच एक बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं क्या यह महामारी या असफल जीवनशैली है या क्या कोलेस्ट्रॉल लोगों में दिल की विफलता या अनुचित आहार का मुख्य कारण है?  हृदय गति रुकने और हृदय घात से प्रतिदिन होने वाली मौत असहज करने वाली साबित हो रही है।  

कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक कितना भिन्न :  

कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक पर्यायवाची नहीं हैं। सवस्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार के मुताबिक हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है जबकि कार्डियक अरेस्ट तब हो सकता है जब हृदय किसी कारण से खराब हो जाता है और अप्रत्याशित रूप से धड़कना बंद कर देता है। हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट के बीच मुख्य अंतर इस तथ्य में निहित है कि पहला हृदय में परिसंचरण (सर्कुलेशन) संबंधी समस्या है, जबकि दूसरा हृदय की इलेक्ट्रॉनिक समस्या है।

दिल का दौरा (हार्ट अटैक) : 
इसे मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन भी कहा जाता है।  किसी भी व्यक्ति को दिल का दौरा तब पड़ता है जब हृदय की धमनियां अवरुद्ध हो जाती हैं और पर्याप्त ऑक्सीजन रक्त हृदय के जरूरी हिस्से तक नहीं पहुंच पाता है।  ऐसे में अगर दिल के उस हिस्से में खून समय पर नहीं पहुंचता है तो हृदय के हिस्सों का नुकसान होने लगता है। इलाज में जितनी देर होती है, पीड़ित व्यक्ति को उतना ही अधिक नुकसान हो सकता है।

रक्त वाहिका (ब्लड वेसल्स) की रुकावट पूर्ण या आंशिक हो सकती है।  यदि कोरोनरी धमनी का पूर्ण अवरोध होता है, तो इसका मतलब है कि व्यक्ति स्टेमी दिल के दौरे से पीड़ित है जो कि एसटी-एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन है। हालांकि, अगर आंशिक रुकावट है, तो इसका मतलब है कि रोगी को एनएसटीईएमआई दिल का दौरा पड़ रहा है।

हार्ट अटैक के लक्षण:
दिल के दौरे के लक्षण काफी सरल और स्पष्ट हो सकते हैं, इसलिए लोग इसे कभी-कभी गैस्ट्र्रिटिस समझकर भ्रमित हो सकते हैं। इस स्थिति में कुछ मिनटों से अधिक समय तक छाती में दर्द, सीने में दर्द, शरीर के ऊपरी हिस्से में बेचैनी और घुटन होने का अहसास हो सकता है।  सीने में किसी भी तरह की परेशानी के साथ या बिना सांस की तकलीफ और ठंडा पसीना और मतली के साथ हल्का सिर दर्द होना दिल का दौरा पड़ने के लक्षणों में से एक हो सकता है।

कार्डिएक अरेस्ट: 
बिना किसी चेतावनी के अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। कार्डियक अरेस्ट किसी भी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने के बाद या उसके ठीक होने के समय भी हो सकते हैं। हालांकि, यह कहना गलत होगा कि दिल का दौरा आम तौर पर कार्डियक अरेस्ट का कारण बनता है क्योंकि यह हमेशा कारण या मामला नहीं होता है।

यह आम तौर पर तब होता हैं जब हृदय की लय गड़बड़ा जाती है या बाधित हो जाती है।  कारणों में कार्डियोमायोपैथी, हृदय की विफलता, अतालता (एरिथमिया), वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन और लंबे क्यू-टी सिंड्रोम नामक हृदय की मांसपेशियों का मोटा होना हो सकता है। कार्डिएक अरेस्ट को भी ठीक किया जा सकता है अगर कुछ ही मिनटों में इसका इलाज किया जाए। ऐसे रोगी के पास के किसी भी व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से सीपीआर शुरू कर देना चाहिए।

कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण
कार्डियक अरेस्ट का मुख्य लक्षण चेतना खत्म होना होता है। घरघराहट, सांस की तकलीफ या अनियमित दिल की धड़कन महसूस करना इसके लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति में मरीज को आगे के परीक्षणों के लिए तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

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