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worship maa mahagauri with this method on the day of mahashtami mantra prshnt

महाष्टमी के दिन मां महागौरी की इस विधि से करें पूजा, मंत्र के उच्चारण से होगा कल्याण

  • Updated on 10/22/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शारदीय नवरात्रि (Navaratri) के आठवें दिन यानी अष्टमी को मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप का पूजन किया जाता है। अष्टमी को माता महागौरी की आराधना करने से व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन कई लोग नवरात्रि व्रत का समापन भी करते हैं। महाष्टमी के दिन कन्या पूजन का विधान है। कहा जाता है कि कन्याएं मां दुर्गा का साक्षात् स्वरूप होती हैं, इसलिए नवरात्रि के अष्टमी को कन्या पूजा की जाती है। महाष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा के लिए विशेष विधि है वहीं मंत्र के उच्चारण का विशेष महत्व है।

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इस विधि से करें मां महागौरी की पूजा
इस साल अष्टमी ति​थि का प्रारंभ 23 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 57 मिनट पर हो रहा है, जो कि अगले दिन 24 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 58 मिनट तक है।


इस दिन मां की पूजा कन्या रूप में की जाती है, दुर्गा अष्टमी के दिन भक्त सुबह स्नान करके देवी की पूजा करते हैं। पूजन के लिए लाल फूल, लाल चन्दन, दीया, धूप इत्यादि का प्रयोग किया जाता है। देवी के प्रसाद के लिए काले चने, हलुआ और पूड़ी तैयार की जाती हैं। फिर मां के कन्या रुप के तौर पर 8 कन्याओं की पूजा करके काले चने, हलुआ और पूड़ी से भोग लगाया जाता है।

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इस मंत्र का करें उच्चारण
सर्व मंगलाय मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके

शरण्‍ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते

महागौरी: श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।

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