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दिल्ली: मंत्री सत्येंद्र जैन ने हरियाणा-UP को यमुना प्रदूषण के लिए ठहराया जिम्मेदार

  • Updated on 7/25/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। यमुना नदी का पानी एक बार फिर से प्रदूषित देखे जाने पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि  गंदा पानी और औद्योगिक कचरा हरियाणा के बादशाहपुर और उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद  से यमुना नदी में आता है। हम अगले 3-4 वर्षों में नदी की सफाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री होने पर कड़ी कार्रवाई होगी। 

बता दें कि वजीराबाद स्थित यमुना नदी में प्रदूषण स्तर अधिक मात्रा में बढ़ जाने के कारण वजीराबाद चंद्रावल व दक्षिण दिल्ली स्थित ओखला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में पेयजल उत्पादन प्रभावित हो गया है। इस कारण राजधानी के कई इलाकों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।

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बैराज में अचानक आया उच्च स्तर का प्रदूषित पानी
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार यमुना नदी का कच्चा पानी वजीराबाद बैराज में लाया जाता है। इसी बैराज से यमुना का पानी उपचार के लिए उपरोक्त तीनों जल संयंत्र में पहुंचता है। जहां पानी को छानकर पीने लायक बनाया जाता है। अचानक उच्च स्तर का प्रदूषित पानी बैराज में आ गया है। नतीजतन संयंत्रों में उत्पादन ना के बराबर होने लगा है। यमुना में प्रदूषण की समस्या अमोनिया के कारण होती है। जिसके बाद साफ पानी का उत्पादन नहीं हो पाता। 

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DJB कर रहा है पानी की समस्या का समाधान
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार प्रदूषण के अलावा डीएसपी और सीएलसी में प्रभाव बहुत कम है। जल बोर्ड ने कहा है कि पानी की आपूर्ति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है, इसलिए स्थिति में सुधार होने तक पानी कम दबाव पर उपलब्ध होगा। बता दें कि राजधानी दिल्ली के ज्यादातर इलाके में इन्हीं तीनों संयंत्रों से पानी की आपूर्ति की जाती है। इनमें वजीराबाद जल संयंत्र 120 एमजीडी चंद्रावल से 90 तथा ओखला संयंत्र से 20 एमजीडी पानी का उत्पादन होता है।

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