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सफरनामा 2019: ये दिग्गज नेता जो इस साल दुनिया को कह गए अलविदा

  • Updated on 12/26/2019

नई दिल्ली/प्रियंका अग्रवाल। इस साल 2019 में हमारे देश ने कई कीर्तिमान हासिल किए हैं। जिसके कारण देश का नाम अंतराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। लेकिन वहीं कुछ ऐसे पल भी आए है जिसने हम सभी की आंखे नम कर दी। इस साल हमने देश के उन कुछ खास लोगों को खोया है जिनके काम के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। वो हमारे दिलों में हमेशा से जिंदा रहेंगे। चलिए हम आज आपको उन लोगों के बारे में और उनके काम के बारे में याद दिलाते हैं।

सुषमा स्वराज

Sushma Swaraj

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेत्री पूर्व विदेश मंत्री व प्रखर वक्ता सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने 6 अगस्त को दिल्ली (Delhi) के एम्स अस्पताल (Aiims Hospital) में अंतिम सांस ली। 67 वर्षीय वरिष्ठ बीजेपी नेता सुषमा स्वराज नौ बार सांसद रहीं इसके साथ ही वो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहीं। बता दें सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री (foreign Minister) रहते हुए उन्होंने पद की गरिमा बढ़ा दी थी। विदेश मंत्री के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) के बाद सुषमा स्वराज एक मात्र रही जो देश की जनता से सीधा संवाद किया। विदेशों में रह रहे भारतीयों के समस्याओं के बारे में चिंता की। इससे पहले वो 1998 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थी।

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अरुण जेटली

Arun Jaitely

इस साल ही भारत ने अपना एक और ऐसा नेता खो दिया जिसे भाजपा का संकटमोचक कहा जाता था। काफी लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitely) ने भी इसी साल 24 अगस्त को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। अरुण जेटली उन व्यक्तियों में से एक हैं जिनकी तबीयत खराब होने पर उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) की दूसरी पारी में कोई भी पद न संभालने की इच्छा जाहिर की थी।  

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मनोहर पर्रिकर

Manohar Parrikar

देश के ईमानदार और दिलेर नेताओं में शुमार मनोहर पर्रिकर (Manohar parrikar) का निधन 17 मार्च 2019 को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के कारण हुई थी। पर्रिकर ने 63 साल की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली। बता दें कि मनोहर पर्रिकर चार बार गोवा (Goa) के मुख्यमंत्री रहे थे। इसके अलावे मोदी सरकार (Modi government) में उन्हें रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

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शीला दीक्षित

sheila dikshit

राजधानी दिल्ली में दिन रात एक करते हुए कांग्रेस को खड़ी करने वाली कांग्रेस (Congress) की बेटी शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) भी इसी साल इस दुनिया को छोड़ कर चली गई। 81 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कहने वाली शीला दीक्षित 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री के पद पर विरजमान रही। इनका निधन 20 जुलाई हुआ।

कांग्रेस ने 1998 में शीला दीक्षित को दिल्ली की कमान सौंपी थी, उसके बाद लगातार तीन बार पार्टी सत्ता में रही। मेट्रो सेवा शुरू कराने से लेकर सीएनजी लाने तक और पूरी दिल्ली में फ्लाई ओवर का जाल बिछाने और दिल्ली से बाहर निकल कर एनसीआर तक विकास की गंगा बहाने का श्रेय शीला दीक्षित को ही है। लेकिन कॉमन वेल्थ गेम (Common Welth Games) के कथित घोटालों (Ghotala) के आरोप में उन्हें सत्ता से दूर जाना पड़ा था।

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राम जेठमलानी

Ram Jethmalani

अपनी बेबाक राय रखने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) 95 वर्ष की आयु में 8 सितंबर 2019 को को इस दुनिया को छोड़ कर चले गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ ही राम जेठमलानी देश के सबसे नामी वकीलों में भी शुमार थे। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में वकालत शुरू कर दी थी।

देश के मशहूर वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में 8 सितंबर 2019 को निधन हुआ। अपनी बेबाक राय के कारण जेठमलानी हमेशा सूर्खियों में रहे। उन्होंने महज 18 साल की उम्र से वकालत शुरू की और देश के सबसे बड़े वकीलों में शुमार हुए।

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जगन्नाथ मिश्रा

jagannath mishra

बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा (Jagannath Mishra) का निधन 19 अगस्त को दिल्ली के द्वारका में हुआ था। 82 वर्षीय जगन्नाथ मिश्रा तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वह केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे। मिश्रा कैंसर जैसी कई अन्य बीमारियों से ग्रसित थे।

जगन्नाथ मिश्रा जब प्रोफेसर थे, उसी दौरान वह कांग्रेस पार्टी में जुड़ गए थे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने तीन बार राज्य की कमान संभाली। मिश्रा पहली बार 1975 में सीएम बने थे और वह अप्रैल 1977 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे थे। वहीं दूसरी बार 1980 से 1983 तक और आखिरी बार 1989 से 1990 तक मुख्यमंत्री रहे। बिहार में जगन्नाथ मिश्रा कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री थे।

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बाबू लाल गौर

Babulal Gaur

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर (Babulal Gaur) का निधन भोपाल में एक निजी अस्पताल में हुआ था। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी उम्र 89 वर्ष थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता गौर 2004-2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और अपनी परंपरागत गोविंदपुरा विधानसभा सीट से 10 बार चुनाव जीत थे। गौर का जन्म दो जून 1930 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ था।

जयपाल रेड्डी

Jaipal Reddy

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी (Jaipal Reddy) का 28 जुलाई को हैदराबाद (Hyderabad) में निधन हुआ था। 77 वर्षीय रेड्डी बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे। वे बुखार और निमोनिया बिमारी से पीड़ित थे। उनके निधन पर राज्यसभा में श्रद्धांजली देने के दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु रो पड़े थे।

केंद्रीय मंत्री रेड्डी का जन्म 16 जनवरी 1942 को हुआ था। उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की थी और उन्होने 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल की कैबिनेट में सूचना और प्रसारण मंत्री का पद संभाला था।साथ ही रेड्डी 1969 से 1984 के तक आंध्र प्रदेश से चार बार विधायक रह चुके हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी ने आपातकाल के समय कांग्रेस को छोड़ जनता पार्टी में भी शामिल हो गए थे।

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