Monday, Sep 27, 2021
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yes bank crisis rana kapoor distributed 30000 crores and 20000 crores became npa

Yes Bank Crisis : राणा कपूर ने बांटे 30,000 करोड़, 20,000 करोड़ बने NPA

  • Updated on 3/12/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। येस बैंक के संस्थापक राणा कपूर ने अपने कार्यकाल में विभिन्न निकायों को 30 हजार करोड़ रुपए के कर्ज आबंटित किए जिनमें से 20 हजार करोड़ रुपए के कर्ज एन.पी.ए. (न वसूला जा सकने वाला कर्ज) बन गए। प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) ने बुधवार को राणा को न्यायमूॢत पी.पी. राजवैद्य की विशेष अदालत में पेश करके यह जानकारी अदालत को दी और कहा कि मामले की हमें गहराई से जांच करनी है कि इन पैसों का किस तरह हेर-फेर हुआ। 

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ED की दलील पर येस बैंक संस्थापक की हिरासत
ई.डी. ने यह दलील देकर राणा की हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की जिस पर अदालत ने उनकी हिरासत अवधि 16 मार्च तक के लिए बढ़ा दी। कपूर की हिरासत अवधि 11 मार्च तक थी। समय सीमा समाप्त होने के मद्देनजर ई.डी. ने उन्हें अदालत में पेश किया था। ई.डी. ने मनी लांङ्क्षड्रग के आरोप में कपूर को हिरासत में लिया है।

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उत्तराखंड में भी है संचालकों की अकूत संपत्तियां
येस बैंक के संचालकों की उत्तराखंड में भी अकूत संपत्ति है। देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, मसूरी, चंपावत और  उत्तरकाशी में बैंक के मुख्य संचालकों  ने अचल संपत्ति खरीदी है। इसके साथ ही यस बैंक प्रमोर्ट्स रही हस्तियों ने यहां पर्यटन, जल विद्युत, शिक्षा, सिविल एविएशन और सौर ऊर्जा समेत विभिन्न परियोजनाओं में भी निवेश किया है। इन पर आयकर विभाग (आईटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), एसजीएसटी और सीजीएसटी विभाग की कड़ी नजर है। 

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आयकर विभाग (आईटी इंटेलिजेंस विंग) के सूत्रों के अनुसार, येस बैंक का प्रमोटर समूह लंबे समय से उत्तराखंड में निवेश करता रहा है। आईटी इंटेलिजेंस विंग लंबे समय से उनके वित्तीय लेन-देन पर नजर रखे हुए है। यह  नजर सिर्फ देहरादून से ही नहीं, बल्कि कानपुर और लखनऊ आयकर विभाग के स्तर से भी रखी जा रही है। इस मामले को केंद्रीय स्तर पर संचालित किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी कि खरीद-फरोख्त का काम पिछले 10 साल से चल रहा था। 

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