Saturday, Jul 20, 2019

योगिनी एकादशी में करें भगवान विष्णु की आराधना, नाश होंगे सभी पाप

  • Updated on 6/29/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटलः आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है और इस एकादशी का हिंदू संस्कृति में काफी महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना करने से व्यक्ति को हर से मुक्ति मिलती है। क्योंकि यह एकादशी प्रायश्चित के लिए विशेष मानी जाती है। 

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मान्यता है कि इस दिन श्री हरि के ध्यान भजन और कीर्तन से पापों से मुक्ति मिलती है। वहीं इस दिन उपवास का भी बेहद महत्व है, कहा जाता है कि अगर इस दिन उपवास रखा जाए और भगवान विष्णु की आराधना की जाए तो हर तरह के पापों का नाश होता है।

योगिनी एकादशी की पूजा विधि 
योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद स्‍नान करने के बाद स्‍वच्‍छ वस्‍त्र पहनें और व्रत का संकल्‍प लें। घर के मंदिर में भगवान विष्‍णु की प्रतिमा स्थापित करें और उसके सामने दीपक जलाएं। 

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इसके बाद विष्‍णु की प्रतिमा को अक्षत, फूल, मौसमी फल, नारियल और मेवे चढ़ाएं। एकादशी की कथा सुनें या सुनाएं. इसके बाद धूप दिखाकर श्री हरि विष्‍णु की आरती उतारें. रात्रि जागरण करें और द्वादशी के दिन अन्‍न और जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें। 

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