Thursday, Apr 02, 2020
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अयोध्याः अस्थायी मंदिर में शिफ्ट किए गए रामलला

  • Updated on 3/25/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजटल। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण के पूरा होने तक, राम जन्मभूमि परिसर (Ram Janmabhoomi premises) में मानस भवन (Manas Bhawan) के पास एक अस्थायी ढांचे में 'राम लला' की मूर्ति को स्थानांतरित कर दिया है। सीएम योगी ने मंदिर निर्माण के लिए 11 लाख रुपये का चेक भी भेंट किया।

चांदी के सिहासन पर बैठे रामलला
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को आयोध्या पहुंच गए थे, अयोध्या में रामलला को वैकल्पिक नये मंदिर में शिफ्ट कराने को लेकर हुए आयोजन अनुष्ठान में वे शामिल हुएं। सीएम कल मंगलवार को शाम अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे और फिर वहां से सर्किट हाउस चले गए। अयोध्या में हुए अनुष्ठान के बाद रामलला को चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया जिसके बाद अब मूल गर्भ ग्रह पर मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। भगवान रामलला को जिस चांदी के सिंहासन पर बैठाया गया है वह 9.5 किलोग्राम का है।

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राजा बिमलेंद्र मोहन मिश्र लाए सिहासन
बता दें कि जिस सिहासन पर रामलला को विराजित किया गया है उसे जयपुर के कारीगरों ने बनाया है। इस चांदी के सिंहासन पर इसके आगे सूर्य देव की आकृति है और दो मोर बनाए गए हैं। मौजूदा समय में मूल गर्भ ग्रह के अस्थाई मंडप में रामलला लकड़ी के सिंहासन पर विराजित थे। रामलला को अस्थाई मंदिर में विराजित करने के लिए सिहासन को राजा बिमलेंद्र मोहन मिश्र अयोध्या लेकर आए थे, उन्होंने यह सिहासन वहां से लाकर ट्रस्ट को सौंप दिया। जिसके बाद आज रामलला को अस्थाई मंदिर में इस चांदी के सिंहासन पर विराजित किया गया।

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बुलेट प्रूफ है रामलला का अस्थाई मंदिर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या आने के बाद सर्किट हाउस में ठहरे उसके बाद बुधवार यानी आज सुबह 4:00 बजे नए अस्थाई फाइबर और बुलेट प्रूफ के मंदिर में रामलला को विराजित किया। बता दें कि जिस सिहासन पर रामलला को विराजित किया गया है उसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी और अयोध्या राज परिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन मिश्र ने भेंट किया है। बिमलेंद्र ने सिहासन राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय को सौंपा।

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