Friday, Apr 23, 2021
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yogi government said no intention to cut state tax on petrol and diesel pragnt

पेट्रोल- डीजल के बवाल पर बोली योगी सरकार- राज्य कर में कटौती का कोई इरादा नहीं

  • Updated on 2/25/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) के लगातार बढ़ते दामों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर लागू राज्य कर में कटौती का कोई प्रस्ताव नहीं है।

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समाजवादी पार्टी ने पूछे ये सवाल
विधानसभा में समाजवादी पार्टी सदस्य नरेंद्र वर्मा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री सतीश महाना ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य विकासात्मक कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल पर लागू राज्य कर में कटौती करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वक्त उत्तर प्रदेश के लोगों को आंध्र प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार, तमिलनाडु, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब और उत्तराखंड राज्यों के मुकाबले कम कीमत पर डीजल मिल रहा है।

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पेट्रोल के रेट को लेकर मचा बवाल
मंत्री ने यह भी कहा कि इसी तरह उत्तर प्रदेश के लोगों को मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, ओडिशा, दिल्ली, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुकाबले कम कीमत पर पेट्रोल भी उपलब्ध है। रसोई गैस के दामों में कटौती के बारे में महाना ने कहा कि चूंकि इस पर एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू हो गया है, इस वजह से राज्य सरकार के पास जीएसटी में कटौती करने का कोई अधिकार नहीं रह गया है। मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट होकर सपा तथा कांग्रेस के सदस्यों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। 

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तेल की कीमतें बढने का सीधा मतलब है महंगाई
बता दें कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 के या तो पास या फिर पार जा चुकी है। तेल के इस खेल में पिस रही है आम जनता। तेल की कीमतें बढने का सीधा मतलब है महंगाई का बढना। विरोधी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना कर रही हैं तो प्रधानमंत्री का कहना है कि हमें तेल के आयात पर निर्भरता कम करनी होगी।

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पेट्रोल 100 का आंकड़ा क्यों छू रहा
ऐसे में किसी सरकार का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संबंध में पूर्ववर्ती सरकारों को बहुत पहले कदम उठाने चाहिए थे लेकिन यदि पूर्ववर्ती यू.पी.ए. सरकार की बात करें तो केंद्र में मोदी सरकार से पहले वर्ष 2011-12 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के समय क्रूड आयल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल थी और पैट्रोल की कीमत लगभग 65 रुपए थी मगर अब जब मोदी सरकार के समय क्रूड ऑयल की कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल के करीब है, जोकि मनमोहन सिंह की सरकार के समय से करीब 40 फीसदी कम है तो पैट्रोल 100 का आंकड़ा क्यों छू रहा है? इसके पीछे के गणित को समझना बेहद जरूरी है।      

22 फरवरी को बढ़े 10 रुपए
अक्तूबर 2020 में क्रूड ऑयल 40.19 डॉलर प्रति बैरल था। तब भारत में 81.6 रुपए प्रति लीटर पैट्रोल बेचा गया। वहीं, 22 फरवरी को क्रूड के दाम 63.48 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए। 22 फरवरी को देश में पैट्रोल 90.58 रुपए तथा डीजल 80.97 रुपए प्रति लीटर रहा। यानी सीधे 10 रुपए लीटर बढ़ा दिया गया। 

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तब और अब में अंतर
भारत में पैट्रोल के दामों में 7.71 प्रतिशत और डीजल के दामों में 7.40 फीसदी की बढ़ौतरी हुई है। हालांकि जब कच्चा तेल 112 डॉलर प्रति बैरल पर था, तब यू.पी.ए. सरकार पैट्रोल 65.76 रुपए में बेच रही थी, लेकिन अब जब 63 डॉलर यानी यू.पी.ए. सरकार की तुलना में 56 फीसदी से कम कीमत है, तब भी एन.डी.ए. सरकार दिल्ली में पैट्रोल 89 रुपए के आसपास बेच रही है।

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