you will be greatly missed by arun jaitley the meaning of modis most trusted leader at present

ऑफ द रिकॉर्डः बहुत याद आओगे अरुण जेटली, मौजूदा समय में मोदी के सबसे विश्वसनीय नेता के जाने के मायने

  • Updated on 8/25/2019

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। जब देश संकट के दौर से गुजर रहा हो और बगल में अरुण जेटली न हो पीएम नरेंद्र मोदी ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा। जब जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटाने और तीन तलाक बिल पर पीएम मोदी अभिमन्यु की तरह घिरा हो तो सबसे पहला व्यक्ति जो उनके जेहन में आया तो वो एक मात्र व्यक्ति थे- मिस्टर भरोसेमंद अरुण जेटली। जिनके जल्द स्वस्थ होने की कामना अगर जेटली के लाखों प्रशंसकों के साथ ही किसी ने सबसे ज्यादा किया तो वे थे पीएम नरेंद्र मोदी।

बीजेपी के 'मिस्टर भरोसेमंद' अरुण जेटली का निधन, कल 2 बजे अंतिम संस्कार

जादुई छवि के धनी थे जेटली

उन्हें भरोसा था कि अरुण जेटली जब सदन में, टीवी पर, मीडिया को संबोधित करेंगे तो देश मोदी के फैसले पर जल्द ही भरोसा करने लगेगा। उन्होंने दिल की गहराई से यह महसूस किया कि जो अभी सत्ता और विपक्ष में तकरार तीखी चल रही है और देश में शंकाओं के नजर से मोदी के फैसले को देखने की साजिश रची जा रही है या फिर कहें कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर मोदी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है- सबको अपने शैली से मोदी के कवच बनकर कोई करारा जवाब देगा तो एक ही व्यक्ति था- रणनीतिकार अरुण जेटली। 

Navodayatimes

बीजेपी के कद्दावर नेता थे अरुण जेटली, पार्टी के सफल रणनीतिकार के तौर पर किये जाएंगे याद

मोदी को पीएम कुर्सी पर बैठाया जेटली

अगर आप मोदी और जेटली के रिश्ते को परखेंगे तो आप यह सीधा महसूस करेंगे कि पीएम के कुर्सी पर बैठाने वाला कोई एक व्यक्ति को अगर श्रेय दिया जाए तो वे सिर्फ अरुण जेटली थे। याद किजीए 2013 का वो दौर जब बीजेपी में पीएम पद घोषित करने को लेकर महाभारत छिड़ा था। हालांकि अब वह तूफान पार्टी के भीतर शांत हो गया तो इसका भी योगदान अरुण जेटली को जाता है। साल 2013 में अरुण जेटली का वो बयान सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित किया था, जो उन्होंने तबके गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के लिये उपयोग किया- 'अगर बीजेपी ने अभी मोदी को पीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया तो पार्टी हिट विकेट होने जा रही है'। 

 

अरूण जेलटी के निधन से बीजेपी में शोक की लहर, हैदराबाद से वापस लौट रहे अमित शाह

मोदी की प्रतिभा को पहचानने में देरी नहीं की जेटली ने

कोई सीखे जेटली से आखिर कैसे राजनीति में क्रिकेट के शब्दों का बेहतरीन इस्तेमाल करके अपने सभी सहयोगी समेत पार्टी के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी को भी चित कर दिया। फिर तो इतिहास ही रचा गया- जो अब तक जारी है। अरुण जेटली ने नरेंद्र मोदी के प्रतिभा को पहचानकर राष्ट्रीय पटल पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वे तो यह भी भूल गए कि मोदी तो उनसे राजनीति में बहुत ही जूनियर है। लेकिन देश हित में उन्होंने अपने भीतर के इगो को एक साइड कर दिया। चल पड़े मीडिया से बहस करने और देश को समझाने कि आखिर क्यों देश को मोदी पीएम के तौर पर चाहिये। यह उनका दूरदर्शी ही नजरिया था जो आज मोदी को सीएम से सीधा पीएम के कुर्सी पर बैठा दिया। 

Navodayatimes

पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर बॉलीवुड के इन सितारों ने दी श्रद्धांजलि

बीजेपी में नेताओं की कतार खड़ी कर दी

यह जेटली की खासियत थी कि उभरते प्रतिभा को पहचानकर उसके साथ न्याय करना। तभी तो उन्होंने बीजेपी में एक लंबी कतार नेताओं की खड़ी कर दी। जिसको यह सिखा गए कि कैसे मीडिया को संबोधित करना है, कैसे भाषण देना है। जिसको याद करते-करते आज कई बीजेपी के नेताओं को फफककर रोते हुए देखा जा सकता है। 

सीएम केजरीवाल सहित दिल्ली के इन दिग्गजों ने अरुण जेटली के निधन पर किया शोक व्यक्त

 जब निःशब्द हुए पीएम      
तभी तो तो दूर देश में बैठकर भी पीएम नरेंद्र मोदी आज अपने-आप को बहुत ही असहाय महसूस कर रहे है। उन्होंने जैसे ही यह खबर सुना अवाक, अधीर और निःशब्द हो गए। उन्होंने अपना कार्यक्रम तुरंत रद्ध करने का फैसला किया तो परिवार वालों ने आग्रह किया कि पीएम साहब आप देश के लिये गए हुए है इसलिये आप अपना दौरा बीच में न छोड़े, यह सबसे ज्यादा बड़ा श्रद्धांजलि होगा अरुण जेटली जी को।

Navodayatimes

मोदी खुद को रोक नहीं पा रहे है विदेश में

यह सुनकर पीएम मोदी के कदम तो ठिठक गए उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि जैसे कभी-कभी पद भी बेड़ियों में बांधने जैसे होता है। आपने अपना मित्र खो दिया लेकिन प्रोटोकॉल निभाने के लिये आपको विदेशी नेताओं को संबोधित भी करना है, भारत का पक्ष भी रखना है। वह भी हंसते-मुस्कारते हुए बेदर्द बन के। लेकिन पीएम मोदी के भीतर आंसुओं का सैलाब सभी सीमाओं को तोड़ने के लिये बैचेन हो रहा है। ठीक उसी तरह जैसे कोई अपना बड़ा भाई खो देता है। या अपना सबसे अच्छा दोस्त कह लीजिये। 

अरूण जेटली के निधन से देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति कोविंद ने दुख व्यक्त कर कही ये बात...

देश ने एक होनहार नेता खो दिया

खैर देश ने आज एक होनहार नेता खो दिया है। जिसने 90 के दशक से देश और बीजेपी को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। एक तरफ अरुण जेटली ने अटल बिहारी वाजपेयी के कैबिनेट में काम किया तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में भी वित्त मंत्रालय जैसे पद को सुशोभित किया। यानी बीजेपी के दो पीढ़ी के पीएम के साथ काम करके उन्होंने अपना योगदान भी दिया है। जिसको देश हमेशा याद भी रखेगा।   

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.