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जानें युवराज सिंह के जन्म से लेकर उनके संयास लेने तक की उनके जीवन की महत्वपूर्ण बातें

  • Updated on 6/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह (yograj singh) के घर चंडीगढ में साल 12 दिसंबर 1981 मे जन्में युवराज सिंह (yuvraj singh) ने 3 अक्टुबर 2000 में केन्या के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने करियर की शूरुआत की थी।

3 साल वनडे इंनटरनेशनल क्रिकेट खेलने के बाद साल 16 अक्टूबर 2003 को न्यूजीलैंड के खिलाफ युवराज को पहली बार सफेद रंग के कपडों में देखा गया था।

इसके अलावा साल 13 सितंबर 2007 को स्काटलैण्ड के खिलाफ पहला टी-20 मैच खेला। युवराज ने 40 टेस्ट मैचों में 33.9 के औसत से 3 शतक और 11 अर्धशतक की मद्द से 1900 रन बनाए, वही बात वनडे क्रिकेट कि करें तो 304 मैचों में 36.5 के औसत से 14 शतक और 52 अर्धशतक के मदद से 8707  रन बनाए ,साथ ही 58 टी-20 में 28 के औसत से 8 अर्धशतक के मदद से 1177 रन बनाए।

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37 वर्षीय युवराज सिंह ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच 30 जून 2017 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। युवी ने अपना आखिरी टी-20 मैच 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला। जबकि आखिरी टेस्ट मैच दिसंबर 2012 में इंग्लैंड के ही खिलाफ खेला था। 

युवराज सिंह ने भारत को बहुत सारे मैच जिताये हैं। भारत के 2007 टी-20 विश्व कप और 2011 मे वनडे क्रिकेट विश्व कप मे भारत के तरफ से जीत के हीरो रहे थे। 2007 के टी-20 विश्व कप मे इग्लैण्ड के खिलाफ एक मैच में युवराज ने  स्टूअर्ट ब्राड(stuart broad) के एक ओवर मे 6 छक्के लगाकर उस मैच मे सबसे तेज 12 गेंदो मे अर्धशतक बनाने का रिकार्ड अपने नाम किया। 

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इसके अलावा 2007 के विश्व कप मे युवराज ने अपने दम पर और भी मैच जिताएं। 2011 विश्व कप मे खेली गयी युवराज पारियां कोइ क्रिकेट प्रेमी नही भुल सकता। युवराज ने 2011 के विश्व कप मे 362 रन के साथ 15 विकेट भी चटकाये। 2011 के विश्व कप मे युवराज को मैन आफ द सीरीज मिला। 

2011 के विश्व कप के बाद युवराज कैंसर के दर्द का पता चला,2011 के बाद युवराज कैंसर के इलाज के कारण क्रिकेट से दूर हो गये, इलाज के बाद क्रिकेट मे वापसी तो की पर उतने अच्छें लय मे नही दिखे। उसके बाद टी-20 विश्व कप 2013 मे भारतीय टीम के सदस्य थे ,उसके बाद उनको ज्यादा मौका नही मिल पाया और उन्हें 2015 और 2019 विश्व कप में नहीं चुना गया।

जानें क्रिकेटर युवराज सिंह ने अपने सन्यास का ऐलान करते समय क्या कहा

6 जून 2019 को उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास की घोषणा की,  युवराज सिंह ने कहा कि मैंने कभी किसी चुनौती के आगे हार नहीं मानी चाहे वो क्रिकेट का मैच रहा हो या फिर कैंसर जैसी बीमारी। युवराज ने कहा कि वह काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है।

युवराज ने साउथ मुंबई होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह ऐलान किया। जिसको सुन सामने बैठी उनकी मां के आंसू निकल आए। युवराज सिंह अपनी मां के काफी क्लोज हैं। संन्यास का ऐलान करने वक्त भी युवराज ने कहा कि मेरी मां हमेशा मेरी ताकत रही है। युवराज सिंह ने कहा कि मैंने कभी किसी चुनौती के आगे हार नहीं मानी चाहे वो क्रिकेट का मैच रहा हो या फिर कैंसर जैसी बीमारी।

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