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भारतीय सर्वे: लोगों के लगातार घूरने की वजह से घर से बाहर बच्चों को स्तनपान नहीं करवा पाती 94% मां

  • Updated on 8/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। विश्व स्तनपान सप्ताह (breast feeding week) की शुरुआत पर, सेलिब्रिटी (celebrity) और हाल ही में मां बनी, नेहा धूपिया (Neha Dhupia) ने एक पहल #Freedomtofeed शुरू की है। इसका उद्देश्य महिलाओं को मातृत्व की कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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विश्व स्तनपान सप्ताह-1-7 अगस्त

नेशनल, 07 अगस्त, 2019: स्तनपान कराने वाली सुविधाओं की कमी के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अपने बच्चों को स्तनपान कराते समय 93% भारतीय मांओं को असहज महसूस होता है, यह भारत के सबसे बड़े उपयोगकर्ता-जनित सामग्री प्लेटफार्म Momspresso.com द्वारा किए गए सर्वेक्षण के निष्कर्षों से पता चला हैं।

यह प्लेटफार्म महिलाओं को दस भाषाओं में टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो सहित विभिन्न प्रारूपों के माध्यम से खुद को व्यक्त करने की सुविधा देता है। ‘2019 में भारतीय मांओं द्वारा सामना की जाने वाली स्तनपान की चुनौतियां’ शीर्षक का यह सर्वेक्षण 900 मांओं के बीच ऑनलाइन किया गया था, जिसमें से 77% मिलेनियल्स थी। यह सर्वेक्षण, जो मुख्य रूप से देश में उपलब्ध स्तनपान सुविधाओं पर केंद्रित था, ने देश में बुनियादी ढांचे और स्तनपान कराने वाली मांओं की जरूरतों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर को उजागर किया।

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मांएं जिन चुनौतियों का सामना करती हैं, उन्हें समझने और उन पर प्रकाश डालने के लिए, Momspresso.com 25-45 आयु वर्ग की भारतीय महिलाओं तक पहुंचा, जिनमें सर्वेक्षण में शामिल 35% मांएं ऑफिस जाने वाली श्रेणी में आती है और 65% मांएं गृहिणी हैं। सर्वेक्षण के निष्कर्षों से पता चला कि वे शीर्ष स्थान जहां भारतीय मांओं ने अपने बच्चों को स्तनपान कराया है, उनमें उनकी कार (94%), मेट्रो, बस, ट्रेन, हवाई जहाज (83%), रेस्तरां, मॉल/ऑफिस कार पार्किंग (60%), ट्रायल रूम (47%) जैसे सार्वजनिक स्थान शामिल हैं।

ऑफिस जाने वाली भारतीय मांओं ने कहा कि उन्होंने अपने ऑफिस (60%) और अपने ऑफिस की कार पार्किंग (47%) में भी स्तनपान किया है। हालांकि, केवल 6% भारतीय मांओं ने अपने बच्चों को आराम से स्तनपान कराने के लिए एक निर्धारित स्तनपान जगह पाई। अप्रत्याशित रूप से, 81% भारतीय मांओं ने उल्लेख किया कि वे लगातार घूरने के कारण भारत में सार्वजनिक स्थानों पर स्तनपान कराने में असहज महसूस करती हैं। एक दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम यह है कि अधिकांश मांएं आराम से स्तनपान करने के लिए घर में रहना पसंद करती हैं।

भारत में आराम से स्तनपान कराने की बाधाओं के बारे में पूछे जाने पर, 53% माताओं ने स्वच्छता, उपयुक्त या सुरक्षित स्थानों की कमी का हवाला दिया, जबकि 47% ने कहा कि यह गोपनीयता की कमी और लोगों का लगातार घूरना है, जो आरामदायक स्तनपान में बाधा डालती है।

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सर्वेक्षण के परिणामों पर बात करते हुए, संस्थापक साझेदार और मुख्य संपादक, मॉम्सप्रेसो, पारुल ओहरी ने कहा, "जबकि स्तनपान के लाभों के बारे में व्यापक रूप से बातचीत की गई है, काम पर और सार्वजनिक स्थानों पर स्तनपान की वास्तविक चुनौतियों के बारे में बहुत कम बात की जाती है। नई मांएं अपने बच्चों को सबसे अच्छा संभव पोषण देने के लिए, यह सुनिश्चित करती हैं कि उन्हें स्तनपान कराया जाए, लेकिन यह भी जरूरी है कि सार्वजनिक सुविधाओं जैसे रेस्तरां, बैंक, कार्यालय, और मॉल में नामित स्तनपान जगह के रूप में उनका समर्थन करने की मंशा हो।" सर्वेक्षण यह बताने के लिए स्पष्ट डेटा प्रस्तुत करता है कि सार्वजनिक क्षेत्रों में स्वच्छता और निजी स्थानों की कमी कैसे स्तनपान के लिए बाधा बन रही है।"

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जारी की गई इस सर्वेक्षण रिपोर्ट को, वैश्विक थीम "एम्पावर पेरेंट्स, इनेबल ब्रेस्टफीडिंग" से जोड़ा गया है, जो एक ऐसा सक्षम वातावरण बनाने के लिए सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी या समर्थन की एक सक्रिय श्रृंखला को संदर्भित करता है, जो मांओं को उत्तम रूप से स्तनपान कराने के लिए सशक्त बनाता है। दुनिया भर और भारत में, सार्वजनिक और स्तनपान से संबंधित समस्याओं को संबोधित करने के लिए बियॉन्से, समीरा रेड्डी, सोहा अली खान और गेम ऑफ थ्रोन्स (जीओटी) अभिनेत्री जेम्मा व्हीलान सहित मशहूर हस्तियों ने सोशल मीडिया पर कदम रखा। विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत पर, सेलिब्रिटी और हालही में मां बनी, नेहा धूपिया ने एक पहल #Freedomtofeed शुरू की है। इसका उद्देश्य महिलाओं को मातृत्व की कहानियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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पारुल ने कहा, "हमारे सर्वेक्षण का एक अन्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि हर कोई एक मां की सफल स्तनपान यात्रा में एक भूमिका निभाता है। जब आप सबसे अजीब जगहों के बारे में पढ़ते हैं, जहां मां को अपने बच्चों को स्तनपान कराना पड़ा, तो आपको सिहरन उठ सकती है, जैसे कि हवाई अड्डे की झाड़ू की कोठरी, भीड़ भरे समुद्र तट, एक पेड़ के नीचे, एक पासपोर्ट कार्यालय का प्रतीक्षा क्षेत्र, बैंक की कतार, कुर्सी के बिना कर्मचारी के कपड़े बदलने वाला कमरा... यह सूची काफी हद तक एक आंख खोलने वाली है। यह सर्वेक्षण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में एक नीति परिवर्तन लाने के लिए पर्याप्त जानकारी प्रदान करता है, ताकि मांओं को सफलतापूर्वक स्तनपान कराने में मदद मिले, चाहे वे कहीं भी हों।”

इस प्रासंगिक सर्वेक्षण के माध्यम से, Momspresso.com ने मौजूदा चुनौतियों की पहचान करने और यह बात निर्धारित करने के लिए शुरुआती कदम उठाए हैं कि बाहरी कारक और सुविधाएं मांओं के लिए एक आरामदायक और सकारात्मक स्तनपान अनुभव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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