Tuesday, Aug 21, 2018

अगर आपके बच्चे हैं काफी जिद्दी तो उनके व्यवहार को एेसे सुधारें पैरेंट्स

  • Updated on 3/12/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। तेज रफ्तार से भागती इस जिंदगी में बच्चों को संभालना काफी मुश्किल काम है, खासकर नौकरीपेशा पैरेंट्स के लिए। बिजी शैड्यूल के चलते वह बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, नतीजा बच्चे जिद्दी व चिड़चिड़े हो जाते हैं। इस तरह के व्यवहार के लिए काफी हद तक माता-पिता ही जिम्मेदार होते हैं क्योंकि वह सहीं समय पर बच्चे की गलतियों व गलत व्यवहार को अनदेखा कर देते हैं।

अगर वह हालातों को देखते हुए तुरंत कदम उठाए तो स्थिति को समय रहते संभाला जा सकता है। चलिए, आज हम आपको कुछ ऐसे पेरेंटिंग टिप्स देते हैं जो आपके बच्चे के व्यवहार को सुधारने में काफी फायदेमंद साबित होंगे।

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कैसे संभालें जिद्दी बच्चा

1. कुछ बच्चों का स्वभाव काफी जिद्दी होता है। अक्सर यह वहीं बच्चे होते हैं, जिन्हें घर में बहुत लाड-प्यार से रखा जाता हैं या फिर जिन बच्चों के साथ बहुत ही कठोर व्यवहार अपनाया जाता है। वहीं, नौकरीपेशा लोगों के बच्चे भी अकेले रहने की वजह जिद्दीपन व चिड़चिड़ेपन के शिकार हो जाते हैं। 

2. अक्सर पैरेंट्स ऐसे बच्चों के साथ सख्ती से पेश आते हैं जबकि यह गलत तरीका है। इससे बच्चा और भी जिद्दी हो जाता है। ऐसे बच्चों के साथ प्यार से पेश आएं। 

3. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो घर आकर बच्चे से दिनचर्या से जुड़ी बातचीत जरूर करें और अपनी स्थिति व काम के बारे में भी उनसे बातें शेयर करें। छुट्टी वाले दिन बच्चे के साथ समय बिताएं।

4. बच्चों को बहुत ज्यादा लाडला भी ना बनाएं। अक्सर मां-बाप पहले बच्चे की सारी डिमांड पूरी करते हैं और जब वह जिद्दी हो जाता है तो ऐसे व्यवहार से दुखी होते हैं। ऐसी गलती ना करें। शुरुआत में ही उसकी सारी डिमांड्स पूरी ना करें, नहीं तो आगे चलकर वह आपकी नहीं सुनेगा। 

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गाली-ग्लोच या मारपीट करने की गलती ना करें

जो पैरेंट्स बच्चों पर चिल्लाते या मारपीट करते हैं, वह बच्चे के अडिग व्यवहार के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। बच्चों को उल्टा-सीधा बोलना, गाली-ग्लोच करना या उनसे बातचीत बंद कर देना, यह सही तरीका नहीं हैं। अगर बच्चा गुस्सैल या चीखे- चिल्लाएं तो भी आप उस पर चिल्लाएं ना। उसे नार्मल होने के लिए वक्त दें, जब वह शांत हो जाए फिर उसे प्यार से समझाएं। आपकी मारपीट से बच्चा और भी जिद्दी होगा या आपसे दूर व डरने लगेगा। इसी वजह से कुछ बच्चे माता-पिता की इज्जत करना भी छोड़ देते हैं।

टीचर को ही ना दें सारा दोष

अक्सर पेरेंट्स बच्चे के अड़ियल स्वभाव के लिए टीचर को भी दोष देने लगते हैं। इस बात को समझें कि ऐसे व्यवहार के लिए टीचर ही पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं है। हां, आप टीचर से मिलकर बच्चे को सुधारने के टिप्स ले सकते हैं। ऐसे बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी व अन्य शार्प माइंड गेम्स में डालें ताकि वह बिजी रहें।

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