Saturday, Apr 20, 2019

भांग के ये अनोखे व्यंजन बढ़ा देंगे होली का हुड़दंग, जानें रेसिपी

  • Updated on 3/20/2019

नई दिल्ली/सृष्टि कुंज। होली अपने साथ रंग, उत्साह, अच्छा खाना और दिल-दिमाग तरोताजा करने वाली भांग को लेकर आती है। पत्तियों और इसके पौधों के फूलों से बनी भांग पारंपरिक रूप से होली से जुड़ी है। इसका सेवन मजे में एक नया उत्साह भरने के लिए भी किया जाता है।

#Holi2018 के मौके पर इन पार्टियों का लें मजा, जानें इवेंट की तारीख

इसी भांग के साथ होली में अपने खाने को भी कुछ अलग अंदाज दें। इस बार होली में इन रेसिपी से लें भांग का मजा।

भांग के पकोड़े

 

भांग की चटनी
सूखे भुने हुए भंग के बीज को अच्छी तरह पाउडर में पीसकर इसे इलेक्ट्रिक ब्लेंडर में सामान्य चटनी सामग्री के साथ मिलाएं। इस चटनी को भांग के पकोड़ों के साथ सर्व करें।


भांग ठंडाई

भांग आटा हलवा


गर्म-गर्म आटे का हलवा तैयार करें और बस इसमें भांग मिला दें। भांग की एक और डिश हो जाएगी तैयार।

भांग मसाला मिल्क


विदेशी शराब की जगह इस बार घर में मसाला मिल्क बनाकर उसमें भांग मिलाएं और उसे एक अलग स्वाद दें। 

भांग मसाला चाय


मसाला चाय की उपर दी गई प्रक्रिया अपनाएं और इसमें उबाल लाते समय भांग पाउडर मिलाकर अपनी भांग मसाला चाय करें तैयार।

भांग लस्सी


एक कटोरी में दही, क्रीम और खस सिरप को फ्रिज करें। बारीक पीसा पिस्टा और भांग पेस्ट को मिक्सी में पीस लें। इस पेस्ट में फ्रिज किया दही मिलाकर दोबारा मिक्सर में चलाएं। ठंडा-ठंडा सर्व करें।

बटर और वोदका के साथ भांग
जो होली में पानी से खेलकर ठंड का अहसास कर रहे हों उनके लिए भांग का ये गर्म पेय है। इसके लिए वोडका को बटर के साथ मिक्सी में चलाएं। इसमें भांग पाउडर मिलाएं। इसे ग्लास में डालकर उपर से शहद डालकर सर्व करें। 

भांग गुजिया

भांग बर्फी

इसमें मिल्क पाउडर के साथ मिलाएं भांग पाउडर को बनाए बर्फी को भांग बर्फी

भांग दही वड़ा

दही के साथ भांग का मिक्स बेहद अनोखा स्वाद देगा। बस करना ये है कि गुजिया बनाते वक्त उसमें भांग का पीस कर मिलाएं। 

भंग मालपुआ


हर बार की तरह आम तरीके से इस बार भी मालपुआ बनाएं बस इसके घोल में भांग मिलाना न भूलें।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.