Monday, Jul 16, 2018

जानिए क्यों, शराब बनाती है लोगों को हिंसक

  • Updated on 2/13/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। क्यों शराब लोगों को हिंसक बनाता है? इसका रहस्य वैज्ञानिकों द्वारा हल किया गया है। एक प्रयोग मे वैज्ञानिकों ने 50 युवाओं को रिक्रूट कराया और उन्हें वोदका या प्लेसबो पेय का सेवन करने के लिए कहा जो शराब मुक्त थी।

उन्होंने पाया कि उनके दिमाग के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में सिर्फ दो ड्रिंक के बाद गतिविधि कम होने लगती है। प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स मनुष्य के दिमाग का एक ऐसा क्षेत्र जो किसी व्यक्ति के आक्रामकता के स्तर को कम करने मे मदद करता है।

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हालांकि विशेषज्ञों ने इससे पहले भी कुछ समय तक संदेह किया था कि इसमें प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स शामिल था, लेकिन यह पहली बार खुलासा हुआ कि ऐसा हो रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के डॉ थॉमस डेंसन ने कहा कि हालांकि प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स पर शराब का कम प्रभाव पड़ा, यहां तक कि शराब की कम खुराक पर भी हमने डोर्सोमेडियल और डर्सोमैरलियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स गतिविधि के बीच एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संबंध देखा और शराब से संबंधित आक्रामकता भी।

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दिमाग का ये हिस्सा विभिन्न व्यवहारों का समर्थन कर सकते हैं, जैसे कि शांति बनाम आक्रामकता, यह निर्भर करता है कि व्यक्ति नशे में है या बिना नशे के।

दिमाग में शराब के वास्तविक समय के प्रभावों का पता लगाने के लिए, वैज्ञानिकों ने चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) का इस्तेमाल किया जो कि रक्त के प्रवाह को मापता है और दिखाता है कि कौन सा क्षेत्र सबसे अधिक सक्रिय है।

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प्रतिभागियों को शराब या प्लेसबो दिया गया था और उन्हें लेटे हुए एक उत्तेजक कार्य पूरा करने के लिए कहा था उनके आक्रामकता स्तर पर  का पता लगाने के लिए। जब उन्हें उकसाया जा रहा था तो प्रतिभागियों के दिमाग के नसों पर कोई प्रभाव नहीं पाया गया।

हालांकि, जब आक्रामक रूप से व्यवहार किया गया, तो शराब का सेवन करने वालों के दिमागों की प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में गतिविधि में कमी आई थी।

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डॉ डेंसन ने कहा कि हम भविष्य में मजबूत खुराक और क्लिनिक के ​​नमूनों के साथ शराब से जुड़ी आक्रामकता की बड़े पैमाने पर जांच करेंगे। ऐसा करने से अंततः शराब से संबंधित हानि कम हो सकती है।

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