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Live-in-Relationship में रहने से पहले जान लें इसके क्या हैं नुकसान और फायदे

  • Updated on 9/3/2019

नई दिल्ली/सोनाली सिन्हा। सही कहा गया है समय के साथ सबकुछ बदल जाता है। फिर बात चाहे इंसान की सोच की करें या किसी वस्तु की, हमें समय के साथ ढलना बखूबी आता है। वहीं इस 21वीं सदी में हमारे देश में हर मुद्दे पर खुलकर बात होती है। इनमें से एक अहम मु्द्दा लिव इन रिलेशशिप (live in relationship) भी है। 

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जी हां, हमारे देश में आजकर लिवइन रिलेशनशिप का चलन बढ़ रहा है। पहले के जमाने में ऐसे मुद्दों पर बात करना टैबू माना जाता था। पहले के जमाने में लोग इसपर बात करने से पहले शर्माते थे या फिर हिचकिचाते थे। लेकिन आज के तारीख में ऐसे संबंधों पर लोग खुलकर बात करना पसंद करते हैं। वहीं हर रिस्ते की तरह लिव इन रिलेशनशिप के भी कई फायदे और नुकसान है। तो आएइ जानते हैं लिव इन रिलेशन के फायदे और नुकसान क्या है।  

लिव इन में रहने के नुकसान

-इस रिश्ते में कोई बंधन नहीं होता है। अगर आप इस रिश्ते को टूटने का सदमा बर्दाशत करने की शक्ती नहीं रखते हैं तो आपको लिव इन में भूलकर भी नहीं रहना चाहिए। क्योंकि इस रिश्ते में इस बात की आजादी होती है कि सामने वाला व्यक्ति कभी भी आपको छोड़कर जा सकता है। 

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-बिना शादी किए आप एक दायरे में बंध जाते हैं, आपकी जिंदगी सीमित हो जाती है।

-एक समय बाद आपको पर्सनल स्पेस की जरूरत पड़ने लगती है। 

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-इससे पहले अगर आप लिव इन रिलेशन में रह चुके हैं तो आपको फिर से लिव इन में नहीं रहना चाहिए।

-अगर आपको पहले से पता हो कि इस रिश्ते को आपके परिवार वाले स्वीकार नहीं करेंगे तो आपको पीछे हट जाना चाहिए।

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-कम उम्र में इस चक्कर में ना पड़ें तो बेहतर होगा। 

-इस बात का भी ध्यान दें कि आपका पार्टनर केवल पैसों के लिए आपका इस्तेमाल तो नहीं कर रहा। या इस बात पर भी ध्यान दें कि आप अपने पार्टनर के लिए सिर्फ मन बहलाने वाली वस्तु बनकर ना रह जाएं।

लिव इन में रहने के फायदे

-आपके पास हर वक्त कोई ऐसा इंसान होता है जिससे आप बिना किसी झिझक के अपनी दिल की बातें शेयर कर सकते हैं। 

-एक दूसरे को जानने का करीब से मौका मिलता है। शादी की जिम्मेदारियों को समझने में मदद मिलती है।

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-दोनों पार्टनरों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझने का मौका मिल जाता है। 

-डॉयवोर्स से अच्छा है लिव इन रिलेशनशिप का टूटना क्योंकि इसमें कोई कानूनी पचड़े नहीं होते। 

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-इस रिश्ते में ज्यादा बोझ नहीं होता, दोनों पार्टनर बिना किसी दवाब के खुलकर अपनी जिंदगी जीते हैं।

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