not only aedes but also medication on ano philia

मलेरिया : एडीज ही नहीं एनोफिलेज पर भी दें ध्यान

  • Updated on 7/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी दिल्ली में मलेरिया (एनोफिलेज) (Anophilia) (Malaria) के मामले चौंकाने वाले साबित हो रहे हैं। जबकि, जून-जुलाई में अक्सर डेंगू-चिकनगुनिया (एडीज) (Aedes) ही प्रभावित करता है। ऐसे में बढ़ते मलेरिया (Malaria) के मामलों पर चिंता करने की जरूरत है। विशेषज्ञों (Scientist) की मानें तो राजधानी दिल्ली (Capital Delhi) में जिस तादाद में डेंगू-चिकनगुनिया (Dengue Chickengunia) लोगों को प्रभावित करता है, उसे देखते हुए संबंधित विभाग और एजेंसियां पूरी तरह से एडीज की ब्रीडिंग को लेकर सक्रिय है लेकिन इस बीच कहीं न कहीं मलेरिया की ब्रीडिंग से ध्यान भटका है।

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यही कारण है कि मलेरिया के मामले ज्यादा तादाद में सामने आ रहे हैं। दिल्ली में मानसून (Monsoon) आने के बाद भी छिटपुट मात्रा में बारिश हो रही है। ऐसे में छोटे-छोटे गड्ढ़ों और नालियों में स्थिर जलभराव हो गई है। मलेरिया के मच्छर के लिए यह स्थिति बेहद अनुकूल है। इसलिए अब साफ पानी ही नहीं बल्कि गंदगी और गंदे पानी का भी ख्याल रखना होगा।

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उमस ने दिया मलेरिया (Malaria) को सह : प्रोफेसर जुगल किशोर के मुताबिक इस वक्त मौसम में उमस की वजह से मलेरिया के लिए जिम्मेदार मच्छर (एनोफिलेज) को शह मिल रहा है। मच्छर गंदे पानी में फैलते हैं और उमस वाले माहौल में सक्रिय हो जाते हैं। एडीज और एनोफिलेज अत्यधिक गर्मी या सर्दी में कमजोर पड़ जाते हैं लेकिन घरों में एसी के उपयोग बढ़ने के कारण मच्छरों को घर के अंदर ही माकूल तापमान मिल जाता है। यही कारण है कि आजकल बेमौसम बीमारियां भी प्रभावित करने लगी है। 

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