Friday, Jan 21, 2022
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इस मौसम में बालों और त्वचा का रखें खास ख्याल

  • Updated on 7/3/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल।  वैसे तो बारिश का मौसम सभी को अच्छा लगता है पर ये मौसम कई परेशानियां भी लेकर आता है। इस मौसम में खुजली, रैशेज और चेहरे के साथ शरीर पर एलर्जी की समस्या आम है। बारिश के साथ 35 डिग्री तापमान या इससे भी अधिक होने पर, नमी के कारण लगातार पसीना टपकता है और हमारे चेहरे से सीबम निकलने लगता है। सूरज की हल्की रोशनी इसे और बिगाड़ देती है। इसकी वजह से सन टैन, जलन, और यहां तक कि त्वचा में नमी की कमी हो जाती है।

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इतना ही नहीं, गैस्ट्रिक एसिडिटी  इस मौसम में हमारी त्वचा को स्किन डिसऑर्डर के लिए और भी सक्रिय बना देती है। हर दिन हमारा शरीर गर्मी और मौसम के अन्य परिवर्तनों को लेकर प्रतिक्रिया करता है। हमारा शरीर हमेशा अधिक तापमान के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता, खासकर यदि हम दिन में लगातार नमी बनाए रखने की जरूरत को लेकर सतर्क नहीं रहते हैं।

नमी और गर्मी मिलकर हमारे शरीर से वाष्पीकरण को रोक देते हैं। यह शरीर को ठंडा रखने की व्यवस्था होती है।  अगर त्वचा से वाष्पीकरण नहीं हो रहा है तो हमारे शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ जाता है। इससे चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल दानों के साथ त्वचा पर खुजली होने की समस्या पैदा होती है। साथ ही जब व्यक्ति खड़ा हो रहा होता है तो मस्तिष्क तक रक्त संचार में कमी होने पर सिनोकॉप, यानी बेहोशी और अचेतना होती है। आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी का मौसम ‘पित्त दोष’ का होता है, जो कि अग्नि तत्व से संबंधित होता है। 

यह मेटाबॉलिज्म और शरीर में होने वाले परिवर्तनों के लिए जिम्मेदार होता है, इसमें पाचन भी शामिल है। कई सारी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पित्त दोष से संबंधित है, जैसे सीने में जलन, शरीर का अत्यधिक तापमान, पसीना निकलना, त्वचा की परेशानियां जैसे त्वचा पर रैशेज हो जाना, कांटेदार फुंसियां और मुहांसे।

गलतियां स्वीकार कर करें सुधार की शुरुआत 

इससे पेट में अत्यधिक एसिडिटी हो जाना और पेप्टिक अल्सर, रूखे बाल, असहजता और गुस्सा आने जैसी समस्याएं भी पैदा होती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप इस मौसम में आराम करें और तनाव से बचें। एसिडिटी की समस्या चेहरे के पीएच स्तर से जुड़ी होती है,  जो अधिक एलर्जी, टैनिंग और चेहरे की चमक को खत्म करने का काम करती है। इसलिए तरल पदार्थों, फलों के रस, सलाद और हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। 

(चेज एरोमाथैरेपी कॉस्मेटिक्स के संस्थापक डॉ. नरेश अरोड़ा से बातचीत पर आधारित)

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