Wednesday, Apr 25, 2018

डॉक्टर की लिखी पर्ची के बिना अब नहीं मिलेगी दवा

  • Updated on 3/27/2016

Navodayatimes

नई दिल्ली टीम डिजिटल : डाक्टर की लिखी पर्ची के बिना नशे व नींद की दवा देने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों की अब खैर नहीं है। डाक्टर के बिना लिखे इन दवाओं को देने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों का लाइसेंस रद्द हो सकता है और साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ सख्त हो गया है। 

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विभाग ने ऐसे मेडिकल स्टोर चलाने वालों पर निगरानी करनी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश में युवा वर्ग में नशे की दवाइयां लेने नींद की गोलियां खाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे युवा वर्ग गलत रास्तों की तरफ अग्रसर हो रहा है। युवाओं को सही राह पर चलाने व प्रदेश में नशे का शिकार हो रहे युवाओं को बचाने के लिए सरकार ने मेडिकल स्टोर संचालकों पर शिकंजा कसने का मन बनाया है। नशे व नींद के लिए इस्तेमाल होने वाली ऐसी 13 दवाओं की सूची भी स्वास्थ्य विभाग ने तैयार की है।  

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ड्रग कंट्रोलर ले रहे हैं बैठकें

स्वास्थ्य विभाग के इन आदेशों की जानकारी देने के लिए प्रत्येक जिले में ड्रग कंट्रोलर मेडिकल स्टोर संचालकों की बैठकें ले रहे हैं। बैठकों में विभाग की हिदायतों को समझाया जा रहा है। इन बैठकों में विभाग द्वारा चयनित की गई सभी 13 दवाओं की सूची भी मेडिकल स्टोर संचालकों को सौंपी जा रही हैं।

क्या है स्वास्थ्य विभाग की हिदायतें

मेडिकल स्टोर में नींद व नशे की दवाइयों का स्टाक कितना है तथा महीने में कितनी दवाइयां उन्होंने बेची हैं तथा किस डाक्टर ने किस मरीज के लिए दवा लिखी थी, इसका बात का पूरा रिकार्ड मेडिकल स्टोर संचालक को रखना होगा। इतना ही नहीं यह सारा रिकार्ड हर महीने की पांच तारीख को जिला ड्रग कंट्रोलर के कार्यालय में जमा भी कराना होगा। इसके साथ ही होलसेलर को 13 सभी दवाओं का रिकार्ड भी आनलाइन करना होगा। 

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