Friday, May 14, 2021
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ADR ने Delhi Assembly Election 2020 के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा किए गए खर्च का किया खुलासा

  • Updated on 12/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। इस साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव के दौरान पांच राजनीतिक दलों को करीब 50 करोड़ रुपये का कोष मिला जबकि मीडिया में विज्ञापन पर 22 करोड़ रुपये समेत कुल 34.32 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) ने इस बारे में बताया है।   

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विज्ञापन पर किया गया इतना खर्च
चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एडीआर ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि राजनीतिक दलों ने मीडिया में विज्ञापन देने पर सबसे ज्यादा , 22.72 करोड़ रुपये खर्च किए। प्रचार सामग्री पर 8.05 करोड़ रुपये और जनसभाओं पर 28 लाख रुपये खर्च किए गए।      

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इनका नहीं मिला ब्यौरा 
एडीआर ने कहा कि दलों ने यात्रा पर कुल खर्च का 51.91 प्रतिशत या 68,000 रुपये स्टार प्रचारकों पर और 63,000 रुपये अन्य नेताओं पर खर्च किए। संगठन ने कहा, ‘‘चुनाव हुए 230 से ज्यादा दिन हो चुके हैं, इसके बावजूद भाजपा, राकांपा, भाकपा, जद(यू), राजद, रालोद, एसएचएस और एआईएफबी द्वारा किए गए खर्च के बारे में जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है।’’      

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पांच दलों ने ब्यौरा दिया 
एडीआर ने कहा कि पांच राजनीतिक दलों-माकपा, बसपा, आप, लोजपा और कांग्रेस ने क्रमश: 79 दिनों, 138 दिनों, 138 दिनों, 145 दिनों और 162 दिनों की देरी पर खर्च संबंधी विवरण मुहैया कराए। एडीआर ने कहा, ‘‘चुनाव लडऩे के बावजूद लोजपा ने कहा कि खर्च नहीं हुआ। खर्च नहीं होने के बावजूद ब्यौरा देने में 145 दिन की देरी पर, इसकी जानकारी मुहैया करायी गयी।’’   

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तो लगाया जाए जुर्माना 
एडीआर ने कहा है कि सभी राजनीतिक दलों के लिए तय समय सीमा में निर्वाचन आयोग के पास उचित प्रारूप में खर्च का विवरण मुहैया कराने को जरूरी बनाना चाहिए और समय पर विवरण मुहैया नहीं कराने वाली पार्टियों पर जुर्माना लगाना चाहिए।  दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए फरवरी में हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि आठ सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी। चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली।     

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