Monday, Dec 06, 2021
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aiims vaccine test results on children may come by the end of this month

एम्स : इस माह के अंत तक आ सकते हैं बच्चों पर वैक्सीन परीक्षण के नतीजे

  • Updated on 9/9/2021

 अंतिम चरण में है परीक्षण का काम 
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और शोध संस्थान एम्स में बच्चों के वैक्सीन परीक्षण का कार्य अंतिम चरण में है। सूत्रों के मुताबिक बच्चों पर कोवैक्सिन के परीक्षण के नतीजे इस माह के अंत तक आने की संभावना है। जिसके कुछ दिनों के बाद बच्चों के भी टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 

पहली वैक्सीन जिसका इंसानों पर होगा परीक्षण : कोरोना संक्रमण के खिलाफ सामान्य वैक्सीन के साथ एम्स में भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन परीक्षण की प्रक्रिया भी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक इस वैक्सीन परीक्षण की मंजूरी मिल गई है और दूसरे चरण के परीक्षण की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में शुरू हो सकती है।

नेजल वैक्सीन के नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) की निगरानी के लिए एम्स के प्रो. संजय राय को मुख्य जांचकर्ता नियुक्त किया गया है। दूसरे चरण का परीक्षण स्वयंसेवियों (वॉलंटियर्स) पर किया जाना है। वैक्सीन की दो खुराक के बाद स्वयंसेवियों के स्वास्थ्य की बारीकी से निगरानी की जाएगी। डॉक्टर चार हफ्तों के अंतराल के बीच स्वयंसेवियों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखेंगे।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह पहली बीबीवी-154 वैक्सीन है, जिसका परीक्षण भारत में इंसानों पर किया जाएगा। यहां बता दें कि वैक्सीन के पहले चरण का परीक्षण 18-60 आयु श्रेणी के स्वयंसेवियों पर किया गया था। जिसके परीणाम से परीक्षणकर्ता उत्साहित हैं। 
इस तरह लगाए जाएंगे नेजल वैक्सीन : 
प्रो. संजय राय के मुताबिक यह वैक्सीन लोगों को नाक के जरिए दिया जाएगा। जिस तरह स्प्रे किया जाता है, ठीक उसी तरह की वैक्सीन का स्प्रे नाक में किया जाएगा। इस वैक्सीन से लोगों में म्यूकोसल इम्यूनिटी पैदा होगी। नतीजतन, यह वैक्सीन संक्रमण को रोकने में अधिक कारगर साबित होगी। 
वायरस को शरीर में ही लॉक रखेगी नेजल वैक्सीन : 
विशेषज्ञों के मुताबिक नेजल वैक्सीन की यह विशेषता होगी कि यह संक्रमण की स्थिति में वायरस को शरीर के अंदर ही लॉक कर देगी। इससे नाक के माध्यम से वायरस शरीर के बाहर नहीं आ सकेगा। जिसके कारण दूसरे लोगों में संक्रमण के प्रसार से बचाव होगा। इस वैक्सीन का एक फायदा और है कि इसे चुभोए बिना ही डोज दिए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि यह वैक्सीन बच्चों के लिए विशेषतौर से सुविधाजनक साबित होगा। 

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