Tuesday, Oct 26, 2021
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amidst preparations for burning of effigies on dussehra

दशहरे पर पुतला दहन की तैयारियों के बीच, किसानेां ने निर्मला सीतारमण के बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया

  • Updated on 10/13/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। संयुक्त किसान मोर्चा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लखीमपुर खीरी हत्याकांड की निंदा करते हुए एक ही सांस में इसका बचाव करने पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्होंने स्पष्ट रूप से किसानों द्वारा तीन काले कानूनों के खिलाफ  दिए गए तर्क या विभिन्न राज्यों में मंडियों के ढहने के अनुभवजन्य प्रमाण, एमएसपी के संबंध में धोखाधड़ी जिसका किसान सामना कर रहे हैं, को नहीं समझा है। 
       संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि निर्मला सीतारमण पहली केंद्रीय मंत्री हैं जिन्होंने लखीमपुर खीरी नरसंहार के बारे में कुछ कहा। हालांकि यह बयान उन्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एक सवाल के जवाब में देना पड़ा और उन्होंने इसे बिल्कुल निंदनीय हिंसा कहा लेकिन बड़े अजीब तरह से मंत्री और अन्य आरोपियों का बचाव करने की मनगढंत कोशिश की है। इस हत्याकांड की तुलना अन्य घटनाओं से की जा रही है और भाजपा और वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा अजय मिश्रा टेनी का इस तरह बचाव करने से न्याय की उम्मीद कम हो गई है। 
      संयुक्त किसान मोर्चा ने 15 अक्टूबर को अच्छाई की स्थापना के लिए देश में बुराई के प्रतीकों के पुतलों का दहन किए जाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि मोर्चा एक बार फिर अपनी मांग दोहराता है कि अजय मिश्रा टेनी को तुरंत बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उनका बने रहना न्याय से समझौता है और यह अकल्पनीय है कि नरेंद्र मोदी सरकार उनका बचाव कर रही है। काले झंडों के साथ विरोध कर रहे किसानों को अजय मिश्रा टेनी द्वारा सीधे तौर पर धमकियां देने और अपने आपराधिक इतिहास को दिखाने के कई वीडियो मौजूद हैं। 
 

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