Thursday, Aug 11, 2022
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Announcement of railway employees, will organize a fierce warning day against monetization

रेल कर्मचारियों का ऐलान, निजीकरण, मोद्रीकरण के खिलाफ करेंगे प्रंचड चेतावनी दिवस का आयोजन

  • Updated on 9/4/2021


नई दिल्ली/टीम डिजीटल। भारत सरकार द्वारा रेलवे की परिसम्पत्तियों को बेचे जाने के खिलाफ  ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन ने चेतावनी दिवस के आयोजन का ऐलान किया है। सरकार की मोद्रीकरण नीति के खिलाफ  घोर विरोध प्रकट करते हुए एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि एआईआरएफ  की बैठक में इस प्रस्ताव पर सभी राजी हैं कि इस योजना के खिलाफ आंदोलन किया जाए। 
    उन्होने बताया कि भारत सरकार द्वारा मुद्रीकरण अभियान के तहत रेलवे के 1,52,498 करोड़ रूपए की मूल्यवान परिसम्पत्त्यिां जिनमे 400 रेलवे स्टेषन, 673 किलोमीटर डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, 15 रेलवे स्टेडियम, 1400 किलोमीटर ओएचई ट्रैक सामग्री, 90 पैसेन्जर गाडियां, भारतीय रेलवे कालोनी, 256 गुड्स शेड , चार पर्वतीय रेलवे और 741 किलोमीटर कोंकण रेलवे का ट्रैक शामिल है। सरकार इन्हें बेचने की तैयारी कर रही है और हम इसके विरूद्ध 8 सितम्बर 2021 को पूरे भारतीय रेलवे में 'प्रचंड चेतावनी दिवस' मनाएंगे। 
    शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि बुधवार को रेलवे की एआईआरएफ  से संबद्ध सभी यूनियनों की शाखाओं द्वारा प्रचंड विरोध. प्रदर्शन, रैली एंव द्वार सभाओं का आयोजन कर भारत सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होने कहा कि सरकार के इन फैसलों से रेल कर्मचारी डरने वाले नही है और हम रेलवे की परिसम्पत्तियों का किसी भी कीमत पर निजीकरण नही होने देंगे और न ही पूंजीपतियों के हवाले होने देंगे क्योकि रेल बचेगी तभी देश बचेगा। 
उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार इन फैसलों को नहीं रोकती है तो ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेगी। 

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