Wednesday, Jun 16, 2021
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Australia Scott Morrison Narendra modi sobhnt

ऑस्ट्रेलियाई के प्रधानमंत्री ने PM नरेन्द्र मोदी से की बात, फेसबुक-गूगल के खिलाफ मांगा समर्थन

  • Updated on 2/20/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। ऑस्ट्रेलियाई के प्रधानमंत्री स्कॉट मोरिशन (Scott Morrison) ने गुरुवार को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) से फोन पर बात की है। मोरिशन ने इस चर्चा में पीएम मोदी ने अपने देश में गूगल और फेसबुक के प्लेटफार्म पर खबर शेयर करने के पैसे मांगने वाले कानून पर समर्थन मांगा है। ऑस्ट्रेलिया भारत को अपने उस गठबंधन में शामिल करना चाहता है। जहां फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा जैसे देश फेसबुक और गूगल से उनके प्लेटफार्म पर खबरे शेयर करन के लिए पैसे मांग रहे हैं। 

बता दें ऑस्ट्रेलियाई के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपने प्रस्तावित कानून 'न्यूज मीडिया एंड डिजिटल प्लटफार्म बारगेनिंग कोड बिल 2020' पर चर्चा की है। जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि गूगल और फेसबुक को अपने प्लेटफार्म पर खबरे शेयर करने वाले मीडिया प्लेटफार्म को पैसा देना होगा। जिसका यह कंपनिया विरोध कर रही थी।  

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ऑस्ट्रेलियाई कई देशों से हुई बात
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने शुक्रवार को फेसबुक से अनुरोध किया कि वह ऑस्ट्रेलिया के उपयोगकर्ताओं पर लगाई रोक को हटा ले और समाचार प्रकाशित करने वाले व्यवसायों से वार्ता शुरू करे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अन्य देश भी समाचार साझा करने के एवज में डिजिटल कंपनियों से शुल्क वसूलने के उनकी सरकार के कदमों का अनुसरण कर सकते हैं। मॉरिसन ने कहा कि उन्होंने फेसबुक विवाद के बारे में बृहस्पतिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की। वह ब्रिटेन, कनाडा और फ्रांस के नेताओं के साथ भी ऑस्ट्रेलिया के इस प्रस्तावित कानून के बारे में बात कर रहे हैं।     

गूगल और फेसबुक को किया आमंत्रित
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जो कर रहा है उसमें कई देशों की दिलचस्पी है। इसलिए मैं गूगल के समान ही फेसबुक को भी आमंत्रित करता हूं कि वह रचनात्मक तरीके से वार्ता करे क्योंकि वे जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया यहां पर जो करने जा रहा है उसका अनुसरण कई पश्चिमी देश कर सकते हैं। मॉरिसन ने ऑस्ट्रेलिया के लोगों की समाचार तक पहुंच तथा इसे साझा करने से फेसबुक द्वारा बृहस्पतिवार को रोके जाने के कदम को एक खतरा बताया। दरअसल फेसबुक ने बृहस्पतिवार को कड़े तेवर दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया में समाचार साझा करने पर पाबंदी लगा दी थी। सोशल मीडिया कंपनी के इस कदम से सरकार, मीडिया और शक्तिशाली प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच तकरार बढ़ गई है।      

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कुछ साइट बंंद करने पर विचार चल रहा
ऑस्ट्रेलिया में फेसबुक पर समाचार साझा किए जाने के एवज में मीडिया संस्थानों को भुगतान किये जाने के संबंध में एक प्रस्तावित कानून के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए इस कंपनी ने यह कदम उठाया है। मॉरिसन ने संवाददाताओं से कहा कि कुछ साइट बंद करने का विचार, जैसा कि उन्होंले कल किया, यह एक किस्म का खतरा ही है। मैं जानता हूं कि ऑस्ट्रेलिया के लोगों की इसके लिए कैसी प्रतिक्रिया होगी। मेरा खयाल है कि उनका यह कदम ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें जल्द से जल्द इससे आगे बढऩा होगा, वार्ता मंच पर आना होगा और हम फिर इसका हल निकाल लेंगे।     

फेसबुक के रोक लगाने की देश में व्यापक तौर पर आलोचना हुई क्योंकि इस सोशल मीडिया कंपनी ने महामारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच रोक दी है, हालांकि ऐसा अस्थायी तौर पर किया गया है।      फेसबुक ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि उसने ऑस्ट्रेलिया में समाचार देने के बदले भुगतान करने के प्रस्तावित कानूनों के मद्देनजर ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए अपने मंच पर समाचार देखने या साझा करने की सेवा बंद कर दी है।      दरसअल प्रतिनिधि सभा ने बुधवार रात एक विधेयक पारित किया जिसमें फेसबुक एवं गूगल को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कंपनियों को उन खबरों का उचित मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है जिन्हें ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाते हैं। सीनेट में पारित होने के बाद ही यह कानून का रूप लेगा।      


 

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