Wednesday, Aug 10, 2022
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बैंककर्मियों, अधिकारियों ने सरकार से लगाई गुहार, बढ़ रहे हैं कोरेाना के मामले दी जाएं राहत 

  • Updated on 1/8/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बैंक कर्मियों ने चिंता जाहिर करते हुए प्रबंधन से कई मांगें रखी हैं। सबसे पहले स्टाफ की मौजूदगी आधी करने, पांच दिवसीय सप्ताह कर शनिवार-रविवार को अवकाश करने सभी शाखाओं, कार्यालय में, केवल 50 फीसदी कर्मचारी ही शारीरिक रूप से उपस्थित रहें और बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाए।
      आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंन्फेडरेशन के सचिव, सौम्या दत्ता ने कहा कि दृष्टिबाधित कर्मचारियों, शारीरिक अक्षमता व गर्भवती महिलाओं को घर से काम करने की अनुमति दी जाए। उपस्थिति को कम करने के लिए व्यावसायिक घंटों को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। शाखाओं में ग्राहकों की आवाजाही को भी सीमित करनी चाहिए क्योंकि ग्राहकों की सुविधा के लिए एटीएम, फोन, नेट और मोबाइल बैंकिंग है और इसे और सुधारा जाए। उन्होने कहा कि बैंकों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं सरकार व निजी बैंकों के प्रबंधन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। 
        कंफेडरेशन के दिल्ली स्टेट सचिव सुनील बंसल ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट सभी बैंकों में पहले की तरह दोपहर तक आधे स्टाफ के साथ कामकाज हो इसके लिए उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को पत्र भेजा है। उन्होने कहा कि विभिन्न प्लेटफार्मों में उपयोग में यूपीआई सर्विस का औसत प्रति माह 6000 करोड़ रुपए लेनदेन हो रहा है और हेड ऑफिस, जोनल ऑफिस से ब्रांच तक एनटीपसीआर जांच नियमित अंतराल पर हो और सभी कर्मचारियों का इलाज करवाया जाए। उन्होने कहा कि सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो सहित सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठाने के लिए बैंकरों को विशेष सेवा देने वाले कर्मी के तौर पर दर्जा दिया जाए। 
 

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