Wednesday, Aug 04, 2021
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ओवैसी को बंगाल में मिला झटका, प्रदेश प्रमुख ने इस्तीफा देकर ममता का किया समर्थन

  • Updated on 3/20/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बिहार (Bihar) में मिली सफलता के बाद आत्मविश्वास से लबालब भरे एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बंगाल में भी चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है मगर ओवैसी को यहां से अच्छी खबर नहीं मिल रही है। पार्टी के बंगाल प्रमुख जमीरुल हसन ने ओवैसी की पार्टी से जल्द ही इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इसके अलावा जमीरुल ने नंदीग्राम से ममता के उम्मीदवारों को समर्थन देने का भी ऐलान किया है। जो ओवैसी के लिए बड़ा झटका है।  

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ओवैसी को दिया बड़ा झटका 
बता दें सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि जमीरुल हसन अब इंडियन नेशनल लीग से जुड़ने वाले हैं। बता दें 1994 से पहले इंडियन नेशनल लीग मुस्लिम लीग के साथ थी। इंडियन नेशनल लीग ने बंगाल में ममता बनर्जी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। जो असदुद्दीन ओवैसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बता दें बंगाल में एआईएमएआईएम को बढ़ाने में जमीरुल की अहम भूमिका है।   

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राह हुईं मुश्किल 
बता दें ओवैसी के लिए अब बंगाल में राह मुश्किल होती नजर आ रही है। ओवैसी को बंगाल में लगातार बार-बार झटके लग रहे हैं। उन्होंने चुनाव की शुरुआत में ऐलान किया था कि वह मुर्शिदाबाद से 13 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले हैं। बता दें मुशिदाबाद में करीब 70 फीसद आबादी है। जिसकी वजह से यहां उन्हें काफी संख्या में सीट मिलने की उम्मीद लग रही है। बता दें बिहार चुनाव में 5 सीटें जीतने के बाद असदुद्दीन ओवैसी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। उन्हें उम्मीद है कि उनकी पाटी बंगाल में बिहार की तुलना में और अच्छा प्रदर्शन करेगी।   

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अप्रैल-मई में होंगे चुनाव
बता दें कि हाल ही में बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने प्रशासन, पुलिस और मीडिया से भी हिंसा मुक्त विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने को कहा। यह चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होने हैं। धनखड़ ने कहा कि अगर मतदाताओं को डराया जाता है और सरकारी अधिकारियों को राजनीतिक काम में शामिल किया जाता है तो यह चुनाव प्रक्रिया के लिए एक झटका होगा। उन्होंने सरकारी मशीनरी से तटस्थ रहने का आग्रह किया। साथ में यह सुनिश्चित करने को कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

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अप्रैल-मई में होंगे चुनाव
बता दें कि हाल ही में बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने प्रशासन, पुलिस और मीडिया से भी हिंसा मुक्त विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने को कहा। यह चुनाव इस साल मार्च-अप्रैल में होने हैं। धनखड़ ने कहा कि अगर मतदाताओं को डराया जाता है और सरकारी अधिकारियों को राजनीतिक काम में शामिल किया जाता है तो यह चुनाव प्रक्रिया के लिए एक झटका होगा। उन्होंने सरकारी मशीनरी से तटस्थ रहने का आग्रह किया। साथ में यह सुनिश्चित करने को कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

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