Sunday, Oct 02, 2022
-->

जानिए जाकिर नाईक के बारे में हर वो बात,जो आप जानना चाहते हैं ?

  • Updated on 7/7/2016

Navodayatimes

नई दिल्ली (टीम डिजिटल) | जाकिर नाईक इन दिनों चर्चा कि विषय बने हुए हैं। इन दिनों हर टीवी चैनल और अखबार इनकी बात कर रहा है। चैनल पर कभी स्टूडियो में तो कभी खुले मैदान में लोगों को खड़े होकर संबोधित करते हुए देखे जाते हैं। लेकिन शायद आप उनके बारे में ज्यादा नहीं जानते होंगे। तो चलिए आपको बताते हैं कि जाकिर नाईक की कहानी के बारे में।

क्या हो रही है चर्चा ?

पहले तो आप ये जान लिजिए कि आखिर जाकिर नाईक की चर्चा क्यों हो रही है । 2 जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला हुआ। जिसमें 5 आतंकियों ने एक रेस्त्रां में घुसकर विदेशी और गैरइस्लामिक लोगों की हत्या कर दी थी। जांच में पता चला कि उनमें से दो आतंकी जाकिर नाईक को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानते थे।  

कौन हैं जाकिर नाईक ?

जाकिर नाईक भारत के मशहूर इस्लामिक गुरू माने जाते हैं। जाकिर ने सेंट्रल मुंबई टोपीवाला नेशनल मेडिकल कॉलेज से MBBS किया है। जाकिर ने अपनी पढ़ाई के आखिरी साल में साउथ अफ्रीका के इस्लामिक गुरू दीदत का उपदेश सुना। बस वहीं से जाकिर ने नई राह पकड़ ली। 1980 की बात होगी, उसके बाद से जाकिर इस्लाम को महान साबित करने की मुहिम में जुट गया।

जिस दीदत के उपदेश को सुनने के बाद जाकिर ने अपनी राह बदली, वो दीदत अंग्रेजी में भाषण दिया करता था। इस्लाम को दूसरे धर्मों के मुकाबले ज्यादा महान बताया करता था। दीदत को देखने के बाद जाकिर के अंदर बड़ा बदलाव देखने को मिला। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले जाकिर एक वक्त में हकलाया करते थे और आज उन पर युवाओं को भड़काने का आरोप लगा है।

जाकिर को सुनने वाले लोगों को आज की तारीख में दीदत का क्लोन दिखाई देता है। जाकिर आज भी दीदत को सुना करते हैं। जाकिर के फेसबुक पर 1.4 करोड़ फॉलोवर्स हैं। उनका दावा है कि टीवी पर उनको 20 करोड़ से ज्यादा लोग सुनते हैं। हालांकि टीवी पर दिखाने का लाइसेंस नहीं प्राप्त है लेकिन केबल ऑपरेटरों के भरोसे ये पहुंच बनाई गई है।

कहां से मिली इतनी प्रसिद्धी

कहा जाता है कि जाकिर सउदी राजघराने के करीब आने के बाद ज्यादा फेमस हुए। सउदी किंग ने जाकिर को किंग फैजल इंटरनेशनल प्राइज फॉर सर्विस ऑफ इस्लाम दिया। जिसमें इनाम में 2 लाख डॉलर और 1 गोल्ड मेडल दिया गया। ये प्राइस जीतने के बाद जाकिर अपने पुश्तैनी घर से एक फ्लैट में शिफ्ट हो गए।  

कौन-कौन है परिवार में ?

जाकिर की शादी फरहत के साथ हुई। जो जाकिर के संस्थान की महिला विंग की हेड भी है। जाकिर के 2 बेटियां और 1 बेटा है। बेटियां मुंबई के स्कूल में पढ़ाई करती हैं तो वही बेटा रियाद की इस्लामिक यूनिवर्सिटी में पढ़ती है। बेटा अभी से उपदेश देना शुरू कर चुका है।   

भारी मात्रा में मिलता है दान
जाकिर के इतनी बड़ी संख्या में फॉलोवर्स है तो जाहिर सी बात है कि आने वाला दान भी बड़ी होगा। कहा जाता है कि जाकिर को जकात के रुप में दान मिलता है। जाकिर का मझगांव में इंटरनेशनल स्कूल है। कई रिपोर्ट्स का दावा है कि जाकिर के स्कूल में भी पढ़ाया जाता है कि इस्लाम दूसरे धर्मों की अपेक्षा महान है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें…

comments

.
.
.
.
.