Sunday, May 22, 2022
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बीजेपी का दावा, भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत मिले, विकास दर बढेगी 

  • Updated on 9/23/2021

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : भारतीय जनता पार्टी ने आज यहां कहा कि कोविड के बाद की अर्थव्यवस्था मजबूत सुधार दिखा रही है और अधिकांश संकेतक स्वस्थ विकास दिखा रहे हैं। हम जो देख रहे हैं वह एक मजबूत वी आकार की रिकवरी है न की के आकार की जैसा कि कुछ लोग भ्रमित करना चाहते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष की विकास दर में गत वर्ष के बेस का प्रभाव होगा और  भारतीय अर्थव्यवस्था इस वर्ष दो अंकों की विकास दर हासिल करने की राह पर है। आने वाले वर्ष में यह 'हाई सिंगल डिजिट में होगा। यह केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा उठाये गए सुधारात्मक क़दमों के परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और दोहरे अंकों की विकास दर हासिल करने की राह पर है।
 भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोपाल कृष्ण अग्रवाल बताया कि आर्थिक विकास का सकारात्मक संकेत देने वाली हालिया रिपोर्ट मिली है। कृषि ग्रामीण भारत के परिवारों की कृषि भूमि और पशुधन जोत का स्थिति आकलन सर्वेक्षण, 2019
जनवरी से दिसंबर 2019 तक किए गए सर्वेक्षण से पता चलता है कि किसानों की आय में 59 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2012-13 में प्रति परिवार प्रति माह 6,426रुपये से बढ़ कर 10,218 रुपये प्रति माह हो गया है। कर्जदार कृषि परिवारों का प्रतिशत 2013 में 52 फीसदी से घटकर 2019 में 50 फीसदी हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा बाजार आधारित अर्थव्यवस्था पर विश्वास करती है एवं दूसरी पीढ़ी के आर्थिक सुधारों और कुशल एवं  पारदर्शी बाजारों पर काम कर रही है। सरकार आगामी वित्तीय वर्ष की बजट प्रक्रिया प्रारंभ करने वाली है एवं पार्टी स्तर से पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी सभी हितधारकों की समस्याओं एवं सुझावों को सरकार तक पहुंचाएगी।
अग्रवाल के मुताबिक सबसे कम भूमि आकार वर्ग (0.25 एकड़ से कम) में बकाया ऋण की राशि 31,100रुपये प्रति परिवार से कम हो कर 26,883 रुपये हो गई है। 2013 की तुलना में यह कमी 14 फीसदी है और मुद्रास्फीति के समायोजन के पश्चात यह कमी 50 फीसदी से अधिक है।   प्रवक्ता के मुताबिक 2013-14 में कृषि विभाग के लिए बजट आवंटन रुपये 21,933.50 करोड़। इसे 5.5 गुना से अधिक बढ़ाकर रुपये 2021-22 में 1,23,017.55 करोड़ रूपये।
एक प्रमुख कंसल्टेंसी फर्म की 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर दूसरा सबसे अधिक मांग वाला विनिर्माण गंतव्य बनने के साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे निकल गया है। जुलाई 2019 से जून 2020 की अवधि को कवर करने वाले आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) की वार्षिक रिपोर्ट 2019-2020 के प्रमुख निष्कर्ष।

महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी दर में वृद्धि और भी प्रभावशाली

 उन्होंने बताया कि 2017-18 में श्रम बल की भागीदारी दर 36.9 फीसदी, 2018-19 में 37.5 फीसदी थी। यह बढ़कर 40.1 प्रतिशत हो गया है। महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी दर में वृद्धि और भी प्रभावशाली है। 2017-18 में यह 17.5 फीसदी , 2018-19 में 18.6 फीसदी और 2019-2020 में 22.8 फीसदी थी। भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक 2017-18 में बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी, 2018-19 में 5.8 फीसदी थी और 2019-2020 में और कम होकर 4.8 फीसदी हो गई है।
 भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल के मुताबिक प्रत्यक्ष कर संग्रह 16 सितंबर,21 तक 5.66 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल इसी अवधि में 3.28 लाख करोड़ था । यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चालू वित्त वर्ष में संग्रह 2019-2020 (पूर्व-कोविड) की इसी अवधि की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है।

जीएसटी संग्रह 30 फीसदी अधिक 

 उधर, अगस्त 2021 में जीएसटी संग्रह 1,12,020 करोड़ रहा। यह पिछले साल के इसी महीने में जीएसटी राजस्व से 30 फीसदी अधिक है और अगस्त 2019 (प्री-कोविड) की तुलना में 14 फीसदी अधिक है। जीएसटी संग्रह, लगातार नौ माह 1 लाख करोड़ का आंकड़ा पार करने के पश्चात जून 2021 में, कोविड की दूसरी लहर के कारण 1 लाख करोड़ से कुछ नीचे चला गया था लेकिन अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाते हुए जुलाई और अगस्त 2021 का जीएसटी संग्रह फिर 1 लाख करोड़ को पार कर गया है।

 जीआईआई में निरंतर सुधार, दो रैंक चढ़कर 46वें स्थान पर पहुंचा

अग्रवाल के मुताबिक विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) द्वारा तैयार किए गए ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) 2021 में भारत दो रैंक चढ़कर 46वें स्थान पर पहुंच गया है। जीआईआई में निरंतर सुधार अपार ज्ञान पूंजी, जीवंत स्टार्ट-अप इको सिस्टम और सार्वजनिक और निजी अनुसंधान संगठनों द्वारा किए गए कार्यों के कारण है।
  उन्होंने कहा कि अगस्त 2021 में भारत का व्यापारिक निर्यात 33.14 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो अगस्त 2020 में 22.83 बिलियन अमरीकी डॉलर से 45.17 फीसदी अधिक था और अगस्त 2019 (पूर्व कोविड) में 25.99 बिलियन अमरीकी डॉलर से 27.5 फीसदी अधिक था। अप्रैल-अगस्त 2021 में भारत का माल निर्यात 163.67 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो अप्रैल-अगस्त 2020 की तुलना में 66.92 फीसदी और अप्रैल-अगस्त 2019 की तुलना में 22.93 फीसदी अधिक था।

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