Sunday, Nov 28, 2021
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लखीमपुर खीरी की घटना पर पूर्व मंत्री अश्विनी कुमार बोले, जख्मों पर नमक छिड़क रही भाजपा सरकार

  • Updated on 10/5/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक घटना के बाद पीड़ित किसानों से मिलने जाते कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी से सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने केंद्र और यूपी की भाजपा सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि संवेदना जताने के लिए जा रहे लोगों को गिरफ्तार किया गया और जिसने किसानों को कुचल दिया, वे खुला घूम रहे हैं। पार्टी ने कहा कि पीड़ित किसानों के जख्मों पर मलहम लगाने की बजाए नमक छिड़कना है।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार ने यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि 8 बेगुनाह देशवासी, जिनमें 4 किसान और एक पत्रकार था,  सत्ता के नशे में चूर देश के गृह राज्य मंत्री के कार के काफिले के नीचे रौंद दिया गया। इसका वीडियो वायरल है, जिसे पूरा देश और दुनिया देख रही है। जिस बेदर्दी से किसानों को रौंदा गया, उसे देखकर किसी भी सामान्य व्यक्ति के मन में इस भावना का आना स्वभाविक है कि क्या यह सब देखने के लिए ही देश के निर्माताओं ने आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया था। उन्होंने सवाल किया कि इतनी बड़ी घटना के बाद क्या लोगों को दुखी परिवारों के साथ सहानुभूति और संवेदना प्रकट करने का अधिकार नहीं? उन्होंने पूछा कि क्या कसूर था प्रियंका गांधी का, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है? क्या कोई नेता अपने प्रांत या अपने देश के लोगों के साथ हुए जुल्म के खिलाफ खड़े होने का अधिकार नहीं रखता और अगर नहीं रखता, तो क्या यह लोकतंत्र?

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कांग्रेस नेता ने कहा कि बेहतर तो यह होता कि लखनऊ में एक महोत्सव में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन लोगों के साथ घटना घटी, उनके जख्मों पर मरहम लगाने के लिए उनके परिजनों तक पहुंचते और उनके साथ अपनी संवेदना व्यक्त करते। जिन लोगों का हाथ इस घटना के पीछे है, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होती, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। जबकि मंत्री महोदय के पुत्र ने ज़िगज़ैग तरीके से गाड़ी चलाई, यह बात मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुकी है। घटना के बाद आरोपी मंत्री पुत्र ने मौके से भागने की कोशिश में गोली भी चलाई, इसके चश्मदीद हैं। इसके बाद अब किस जांच की जरूरत है? क्यों नहीं आरोपियों को अब तक हिरासत में लिया गया? अश्विनी कुमार ने कहा कि 45 लाख रुपए का हर्जाना किसी व्यक्ति के जीवन को वापस नहीं ला सकता। पैसे के तोल में या तराजू में किसी जान को नहीं तोला जाता।

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