Thursday, Aug 18, 2022
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bjp serious allegation, congress had created poisonous eco for modi ruin

BJP का संगीन आरोप, कांग्रेस ने मोदी की बर्बादी के लिए बनाया था जहरीला इकोसिस्टम

  • Updated on 6/28/2022

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : भारतीय जनता पार्टी ने  प्रधानमंत्री और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ झूठा अभियान चलाने के पीछे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही आरोप लगाया कांग्रेस पार्टी देश के खिलाफ षडयंत्र रचने की विचित्र भूमिका निभा रही है। भाजपा ने गुजरात दंगों को लेकर दो दशकों से सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और कथित पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने ही तीस्ता एवं जुबैर जैसों का एक जहरीला इकोसिस्टम तैयार किया था, जो एक दूसरे को बचाने के साथ नरेंद्र मोदी के करियर की बर्बादी की साजिश करते रहे।
  भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने तीस्ता और जुबैर की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को हुए प्रदर्शन में विपक्ष के बड़े नेताओं के भाग लेने की कड़ी आलोचना की। साथ ही कहा कि इससे यह साफ हो गया कि कांग्रेस को दंगा पीड़ितों की पीड़ा से कभी मतलब नहीं रहा है। वह दो दशक से पीड़ितों की पीड़ा को बेच कर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक करियर खत्म करने की साजिश में जुटी रही।
    गौरव भाटिया ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जाकिया जाफरी केस में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्लीन चिट दिए जाने और तीस्ता सीतलवाड़ की भूमिका पर सवाल उठाए जाने पर कांग्रेस पर सवाल दागे। साथ ही कहा कि 24 जून को गुजरात दंगों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय का एक ऐतिहासिक फैसला आया, जिसमें जाकिया जाफरी और तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका खारिज कर दी गई। पीएम मोदी के खिलाफ पिछले दो दशकों से कढ़ाई को गर्म रखने का एक राजनीतिक षड्यंत्र रचने का कुत्सित प्रयास किया जाता रहा। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में काम कर रही एसआईटी पर भी अनर्गल आरोप लगाते हुए उनकी छवि पर दाग लगाने की कोशिश की गयी। तीस्ता सीतलवाड़ को मोहरा बनाकर कांग्रेस द्वारा साजिश रचने का आरोप लगाते हुए भाटिया ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ तो महज सांप्रदायिक नफरत फैलाने की एक छोटी ब्रांच थीं, दरअसल उनका हेड आफिस कांग्रेस दफ्तर ही था। इस सारे प्रकरण की सीईओ सोनिया गांधी रहीं जो निर्देशित करती रहीं कि किस तरह से न्यायिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ करनी है। तीस्ता सीतलवाड़ के एक निकटतम साथी द्वारा हाल के दिनों में दिए गए बयान से स्पष्ट हुआ है कि ये लोग पीड़ित परिवारों की न्याय की लड़ाई नहीं लड़ रहे थे, बल्कि इनका उद्देश्य गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक पारी को खत्म करना था। आज पूरा देश जानना चाहता है कि इस पूरे प्रकरण में तीस्ता सीतलवाड, सोनिया गांधी एवं कांग्रेस पार्टी के रिश्ते क्या हैं?
  भाजपा प्रवक्ता भाटिया ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद, विगत आठ वर्षो में भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया है कि देश में कोई वीआईपी नहीं है, सभी कानून के सामने समान हैं। यदि कोई कानून तोड़ता है तो कानून अपना कार्य करेगा, एफआईआर रजिस्टर होगी और उसकी विवेचना होगी। जांच एजेंसी को लगेगा कि मामले में साक्ष्य एवं प्रमाण पुख्ता हैं, तो गिरफ्तारी भी होगी। उन्होंने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय माकन और जयराम रमेश विरोध प्रदर्शन सम्मिलित हुए और कहा गया कि लोकतंत्र खतरे में है जबकि तीस्ता सीतलवाड़ कोर्ट में झूठे गवाह बनाकर फर्जी हलफनामे देती रहीं। स्पष्ट है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के निर्देश पर ही यह विरोध प्रदर्शन निकाला गया होगा। कांग्रेस पार्टी देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने की विचित्र भूमिका निभा रही है।
   भाजपा प्रवक्ता भाटिया ने सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी से पूछा कि क्या सर्वोच्च न्यायालय पर कांग्रेस की आस्था है भी या नहीं? दरअसल, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च न्यायालय पर आस्था सुविधा के अनुसार बनती है। राहुल गांधी ने कई बार देश की न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। जब जाकिया जाफरी की याचिका खारिज की गयी तो कांग्रेस पार्टी के ऑफिसियल हैंडल से जयराम रमेश के ट्वीट को रिट्वीट किया गया, जिसमें लिखा था कि जाकिया जाफरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला अत्यंत निराशाजनक है, साथ ही कुछ सवाल भी उठाए गए। भाटिया ने पूछा कि क्या सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी इसके लिए देश से माफी मांगेगी? सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि कैसे झूठे गवाह पेश किये गए गया और मनगढ़ंत कहानी बनाकर दुष्प्रचार किया गया। आखिर किस आधार पर कांग्रेस-यूपीए सरकार में तीस्ता सीतलवाड़ को पद्म श्री से सम्मानित किया गया? इसके अलावा तीस्ता सीतलवाड़ की नियुक्ति सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड आफ एजुकेशन में की गयी, जो शिक्षा की सबसे बड़ी सलाहकार बॉडी है। 
 

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