Thursday, Aug 18, 2022
-->
bjp-started-election-exercise-for-madhya-pradesh-and-chhattisgarh

भाजपा ने मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के लिए शुरू की चुनावी कसरत  

  • Updated on 4/28/2022

नई दिल्ली /सुनील पाण्डेय : भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों की तैयारियों की रूपरेखा तय करने और संगठन को दुरुस्त करने के लिए कसरत शुरू कर दी है। इसको लेकर वीरवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने हाईलेवल बैठक बुलाई। इस मौके पर दोनों राज्यों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा के पुराने मुख्यालय 11, अशोक रोड में हुई इन अलग-अलग बैठकों का उद्देश्य अगले साल दोनों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के संबंध में भाजपा की तैयारियों का जायजा लेना और आगे की रणनीति तैयार करना था।     ज्ञात हो कि इन दोनों ही राज्यों के पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। बैठक में नड्डा और मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान के अलावा पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र ङ्क्षसह तोमर, राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, मध्य प्रदेश मामलों के भाजपा के केंद्रीय प्रभारी मुरलीधर राव, पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष और प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश में मंत्रिपरिषद विस्तार और पार्टी के राज्य संगठन में फेरबदल की अटकलें हैं। मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद में चार पद फिलहाल खाली हैं। बैठक में मौजूद एक नेता ने बताया कि इन दोनों मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान मध्य प्रदेश में चुनावी वर्ष में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के साथ ही केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभाॢथयों से संपर्क बनाने और उन्हें साधने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश सहित चार राज्यों के हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा की सत्ता में वापसी के लिए मुफ्त अनाज योजना, आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभाॢथयों का समर्थन मिलने को एक बड़ा कारण माना जाता है। गौरतलब है कि वर्ष 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़े कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था और वहां कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी थी। हालांकि ज्योतिरादित्य ङ्क्षसधिया के नेतृत्व में कांग्रेस का एक धड़ा बाद में भाजपा में शामिल हो गया और फिर शिवराज ङ्क्षसह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। छत्तीसगढ़ के सिलसिले में हुई बैठक में नड्डा और बीएल संतोष के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री रमन ङ्क्षसह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पार्टी महासचिव व छत्तीसगढ़ की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय शामिल हुए।      छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके उपचुनावों में भी उसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पार्टी का जनाधार बढ़ाने और खिसके हुए वोटवैंक को वापस लाने की रणनीति पर चर्चा हुई। इस साल के अंत में और अगले साल जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, नड्डा अभी से इनकी तैयारियों में लग गए हैं। इसी महीने उन्होंने ऐसी ही एक बैठक राजस्थान के नेताओं से की थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र ङ्क्षसह शेखावत सहित कुछ अन्य नेता शामिल हुए थे।     

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.