Friday, May 07, 2021
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bombay high court posco minor sexual harassment sobhnt

यौन शोषण मामले में कोर्ट बोला त्वचा से त्वचा का ‘सीधा संपर्क’ नहीं तो यौन हमला नहीं

  • Updated on 1/25/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बॉम्बे हाईकोर्ट (High Court) ने बाल यौन अपराध के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा  है कि अगर किसी नाबालिग लड़की के सीने पर किया गया स्पर्श जब तक यौन हमला नहीं माना जाएगा जब तक अपराधी त्वचा से त्वचा का स्पर्श नहीं करता। बता दें यह फैसला बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बैंच ने दिया है। यह फैसला जस्टिस पुष्पा गनेदीवाला ने एक 12 वर्षीय लड़की के साथ हुए यौन शोषण वाले केस की सुनवाई के बाद कही है। 

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कोर्ट ने कही यह बात 
बता दें कोर्ट ने अपने इस फैलसे में कहा है कि किसी के साथ यौन-शोषण होने के लिए त्वचा का त्वचा से स्पर्श होना जरुरी है। इसके अलावा अगर अपराधी पीड़िता की तरफ देखकर उसकी त्वचा को स्पर्श करता है तो इसे यौन शोषण में माना जाएगा। बता दें यह मामला  दिसम्बर 2016 का है जब एक 39 वर्षीय आरोपी खाने की चीज देने के लालच में एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची को अपने घर आता है। उसके बाद उस पर आरोप है कि उसने बच्ची के सीने को गलत तरीके से छुआ है। उसकी मां ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।     

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पोस्को में नहीं आएगा अपराध
बता दें इससे पहले सत्र न्यायालय ने दोषी को अपराधी मानकर उसे तीन साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद इस आदेश को दोषी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पीड़िता की मां ने अपराधी पर पोस्को कानून के तहत मामला दर्ज कराया था। कोर्ट ने अपराध को देखते हुए उसे पोस्को कानून की श्रेणी में नहीं रखा है मगर कोर्ट ने इसे महिला की शील भंग करने की कोशिश माना है। कोर्ट ने इसके लिए आरोपी को 1 साल की सजा सुनाई है। बता दें अपराधी पर धारा 354 के तहत कार्यवाही की है।   

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39 वर्षीय है अपराधी
बता दें बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ की न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला ने 19 जनवरी को पारित एक आदेश में कहा कि यौन हमले का कृत्य माने जाने के लिए ‘यौन मंशा से त्वचा से त्वचा का संपर्क होना’ जरूरी है। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि महज छूना भर यौन हमले की परिभाषा में नहीं आता है। न्यायमूर्ति गनेडीवाला ने एक सत्र अदालत के फैसले में संशोधन किया जिसने 12 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीडन करने के लिए 39 वर्षीय व्यक्ति को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी। अभियोजन पक्ष और नाबालिग पीड़िता की अदालत में गवाही के मुताबिक, दिसम्बर 2016 में आरोपी सतीश नागपुर में लड़की को खाने का कोई सामान देने के बहाने अपने घर ले गया।

 

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